संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। एमिरेट्स ड्रग एस्टेब्लिशमेंट (EDE) ने दवाइयों और मेडिकल प्रोडक्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स में 16 रणनीतिक साझेदारों को शामिल किया गया है ताकि देश में कभी भी जरूरी दवाइयों की कमी न हो।

नई टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल हैं?

इस नई कमिटी की अध्यक्षता एमिरेट्स ड्रग एस्टेब्लिशमेंट (EDE) कर रहा है। इसके अलावा इस टास्क फोर्स में 16 अलग-अलग पार्टनर शामिल किए गए हैं जो सीधा मेडिकल सप्लाई से जुड़े हैं।

  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दवा निर्माता कंपनियां
  • मेडिकल वेयरहाउस और स्टोरेज फैसिलिटी
  • UAE के लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट प्रोवाइडर
  • सरकारी और रेगुलेटरी अधिकारी

आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

इस फैसले का सीधा फायदा UAE में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों को होगा। सरकार का मुख्य मकसद यह है कि किसी भी वैश्विक या स्थानीय परेशानी के समय देश में जरूरी दवाइयों की सप्लाई न रुके। इस योजना से स्वास्थ्य विभाग की तैयारी हमेशा मजबूत रहेगी और मरीजों को बिना किसी रुकावट के सही समय पर मेडिकल सुविधाएं और दवाइयां मिलती रहेंगी।

टास्क फोर्स का मुख्य काम क्या होगा?

15 मार्च 2026 को हुई पहली बैठक में टास्क फोर्स ने अपना काम शुरू कर दिया है। यह टीम मुख्य रूप से सप्लाई चेन की कमियों को दूर करने और भविष्य के लिए योजनाएं बनाने का काम करेगी। EDE और प्राइवेट कंपनियों के बीच सही तालमेल बिठाया जा रहा है। इसके जरिए लॉजिस्टिक और स्टोरेज के लिए एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है जिससे मेडिकल सामानों का फ्लो बिना रुके चलता रहे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.