यूएई में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों को रोकने के लिए देश की अपनी तकनीक ने बड़ी भूमिका निभाई है. EDGE ग्रुप के चेयरमैन फैसल अल बन्नाई ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकसित जैमर तकनीक ने 85 प्रतिशत ड्रोन हमलों को निष्क्रिय कर दिया. इस पूरे घटनाक्रम ने यूएई की अपनी रक्षा प्रणाली की अहमियत को सामने रखा है.
UAE ने कितने ड्रोन और मिसाइल रोके?
मेक इट इन द एमिरेट्स समिट के दौरान फैसल अल बन्नाई ने बताया कि यूएई पर 1000 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए. इनमें से बड़ी संख्या को स्थानीय तकनीक के जरिए ही रोका गया. रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी और 8 अप्रैल 2026 के बीच ईरान ने करीब 550 मिसाइलें और 2,200 से ज्यादा ड्रोन दागे थे.
28 फरवरी 2026 से अब तक यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट किए गए हथियारों की जानकारी नीचे दी गई है:
| हथियार का प्रकार | इंटरसेप्ट की गई संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइल | 537 |
| क्रूज मिसाइल | 26 |
| ड्रोन | 2,256 |
इज़राइल से मिली मदद और मौजूदा खतरा
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, इज़राइल ने यूएई को ईरानी हमलों से बचाने के लिए आयरन बीम लेजर-आधारित वायु रक्षा प्रणाली और स्पेक्ट्रो नामक एक उन्नत निगरानी प्रणाली भेजी है. यह यूएई और इज़राइल के बीच रक्षा संबंधों का एक बड़ा हिस्सा है. हालांकि, कुछ मिसाइलें सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गिरीं, जिसकी वजह से अबू धाबी ने अपने सहयोगियों से मदद मांगी.
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है क्योंकि:
- ईरान के पास अब भी अपनी ड्रोन क्षमता का 40 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है.
- ईरान के पास करीब 60 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर अभी भी बरकरार हैं.
- हेज़बोलाह अब फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जिन्हें रोकना आम जैमिंग तकनीक के लिए मुश्किल है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई ने ईरान के कितने प्रतिशत ड्रोन हमलों को नाकाम किया?
EDGE ग्रुप के चेयरमैन के अनुसार, यूएई में विकसित जैमर तकनीक ने ईरान से हुए 85 प्रतिशत ड्रोन हमलों को निष्क्रिय कर दिया.
इज़राइल ने यूएई की सुरक्षा के लिए क्या मदद भेजी है?
इज़राइल ने यूएई को आयरन बीम लेजर-आधारित वायु रक्षा प्रणाली और स्पेक्ट्रो नाम की एक उन्नत निगरानी प्रणाली उपलब्ध कराई है.