संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इंसानियत की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली है। दार अल बेर (Dar Al Ber) सोसाइटी ने दुनिया भर में बच्चों को भुखमरी से बचाने के लिए चल रहे ‘एज ऑफ लाइफ’ (Edge of Life) अभियान में 5 मिलियन दिरहम का योगदान दिया है। यह अभियान रमजान के पवित्र महीने में शुरू किया गया था। इसका मकसद कम से कम 1 बिलियन दिरहम का फंड जमा करना है ताकि 5 मिलियन बच्चों को भूखे सोने से बचाया जा सके।

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क्या है Edge of Life अभियान?

दुबई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने इस खास अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य दुनिया के उन हिस्सों में पहुंचना है जहां बच्चों को दो वक्त का खाना नसीब नहीं होता। इसके तहत जमा की गई 1 बिलियन दिरहम की रकम को निवेश किया जाएगा। इससे एक ऐसा सिस्टम बनेगा जिससे बच्चों की मदद के लिए लगातार फंड मिलता रहे। यह कोई एक बार मदद करने वाला सिस्टम नहीं है बल्कि एक लंबा चलने वाला राहत कार्य है।

इस अभियान में कौन कर सकता है दान?

मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) के तहत इस अभियान को चलाया जा रहा है। दार अल बेर सोसाइटी का यह 5 मिलियन दिरहम का दान इसी पहल का हिस्सा है।

  • आम लोग: कोई भी आम नागरिक आधिकारिक वेबसाइट या प्लेटफॉर्म के जरिए अपना योगदान दे सकता है।
  • संस्थाएं: यूएई में काम करने वाली कंपनियां और सरकारी संस्थाएं भी इसमें हिस्सा ले रही हैं।
  • विदेशी और प्रवासी: खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी भी इंसानियत के इस काम में जुड़ रहे हैं।

हाल ही में कई अन्य संस्थाओं ने भी आगे आकर इस अभियान को समर्थन दिया है जिससे यह रमजान के महीने का सबसे बड़ा चैरिटी अभियान बन गया है। यूएई में रहने वाले लोग और कारोबारी इसे एक अच्छे काम के रूप में देख रहे हैं और लगातार अपनी तरफ से मदद भेज रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.