UAE अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने की तैयारी में है। देश की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी EDGE की अंतरिक्ष इकाई FADA ने अबू धाबी की कंपनी Orbitworks के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य UAE के अंदर ही सैटेलाइट बनाने और उनकी टेस्टिंग करने की क्षमता को विकसित करना है ताकि देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
Sirb प्रोग्राम क्या है और इसका मकसद क्या है?
Sirb प्रोग्राम UAE स्पेस एजेंसी की एक बड़ी योजना है जिसका लक्ष्य देश के अपने सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सैटेलाइट विकसित करना और उन्हें लॉन्च करना है। इस प्रोग्राम के बारे में कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- नाम का अर्थ: अरबी भाषा में ‘Sirb’ का मतलब पक्षियों का झुंड होता है।
- लक्ष्य: इस प्रोग्राम के तहत तीन UAE निर्मित रडार सैटेलाइट्स को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजा जाएगा।
- Sirb-1: यह इस पूरे प्रोग्राम का पहला चरण है जिसके लिए अब नया कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ है।
- फायदा: इससे देश में नॉलेज-बेस्ड इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय टैलेंट को मौका मिलेगा।
समझौते की खास बातें और काम कहाँ होगा?
यह कॉन्ट्रैक्ट ‘Make it in the Emirates 2026’ इवेंट के दौरान साइन किया गया। EDGE के स्पेस एंड साइबर टेक्नोलॉजीज के प्रेसिडेंट वलीद अल मेस्मारी और Orbitworks के एक्टिंग सीईओ डॉ. हमदुल्लाह मोहिब ने इस पर हस्ताक्षर किए। इस डील की कुछ अहम बातें इस प्रकार हैं:
- लोकल मैन्युफैक्चरिंग: अब सैटेलाइट्स की असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग (AIT) का काम UAE की धरती पर ही होगा।
- KEZAD फैसिलिटी: Orbitworks की KEZAD स्थित फैसिलिटी का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जगह खास तौर पर हाई-वॉल्यूम सैटेलाइट प्रोडक्शन और टेस्टिंग के लिए बनाई गई है।
- तकनीक का ट्रांसफर: अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ मिलकर काम किया जाएगा ताकि रडार तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस सेंसिंग की जानकारी स्थानीय इंजीनियर सीख सकें।
- आत्मनिर्भरता: इस कदम से UAE को सैटेलाइट निर्माण के लिए अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sirb-1 प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या है
Sirb-1 का उद्देश्य UAE के अपने सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सैटेलाइट्स को विकसित करना और उन्हें अंतरिक्ष में लॉन्च करना है ताकि देश की निगरानी क्षमता बढ़े।
Orbitworks इस प्रोजेक्ट में क्या भूमिका निभाएगा
Orbitworks अपनी KEZAD स्थित फैसिलिटी के जरिए सैटेलाइट्स की असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग (AIT) का काम संभालेगा जिससे तकनीक का स्थानीयकरण हो सके।