UAE में रहने वाले प्रवासियों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की फीस से लेकर यूनिवर्सिटी के बिल तक, बहुत से माता-पिता को काफी देर से एहसास होता है कि उन्होंने पैसे की सही प्लानिंग नहीं की थी। बढ़ती महंगाई और पढ़ाई के भारी खर्च ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
पढ़ाई और यूनिवर्सिटी का भारी खर्च
दुबई और अन्य शहरों में इंटरनेशनल स्कूलों की फीस दुनिया में सबसे ज़्यादा है। पढ़ाई और यूनिवर्सिटी के खर्चों का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| खर्च का प्रकार | अनुमानित राशि |
|---|---|
| दुबई इंटरनेशनल स्कूल फीस (सालाना) | AED 120,000 से ज़्यादा |
| मासिक स्कूल फीस | 2,000 डॉलर से ज़्यादा |
| किंडरगार्टन से यूनिवर्सिटी तक कुल खर्च | लगभग 99,378 डॉलर |
| UK यूनिवर्सिटी फीस (सालाना) | £10,000 से £35,000 |
| अतिरिक्त खर्चे | किताबें, यूनिफॉर्म, ट्रांसपोर्ट और रहना |
| विदेश में पढ़ाई का कुल खर्च | रहने और यात्रा के कारण दोगुना हो सकता है |
प्रवासियों के सामने आने वाली मुश्किलें
प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके पास सरकारी पेंशन की सुविधा नहीं होती है। उनके पास सिर्फ End of Service Benefit (EOSB) होता है, जो एकमुश्त मिलता है और उस पर कोई निवेश रिटर्न नहीं मिलता। इसके अलावा, स्कूल की फीस महंगाई की तुलना में तेज़ी से बढ़ रही है। कई माता-पिता जैसे Deepak Khatri और PV ने बताया कि किराया और अन्य खर्चे बढ़ने से अब उन्हें बजट बहुत सोच-समझकर बनाना पड़ रहा है।
एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि शिक्षा के लिए बचत जल्द से जल्द शुरू करनी चाहिए ताकि भविष्य में कर्ज न लेना पड़े। इसके लिए कुछ मुख्य सुझाव दिए गए हैं:
- जल्दी शुरुआत करें: बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश जितनी जल्दी शुरू होगा, उतना ही फायदा मिलेगा।
- बजट का नियम: Beth Clay ने 50/30/20 नियम अपनाने की सलाह दी है, जिसमें 50% ज़रूरतों पर, 30% इच्छाओं पर और 20% बचत पर खर्च हो।
- जीरो-बेस्ड बजटिंग: Sonal Chiber ने सुझाव दिया कि अपनी पूरी इनकम को पहले ही अलग-अलग हिस्सों में बांट लें ताकि स्कूल फीस जैसे फिक्स खर्चे समय पर पूरे हों।
- प्रोफेशनल मदद: सही इन्वेस्टमेंट प्लान जैसे SIP और म्यूचुअल फंड के लिए किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
- सभी खर्चों को जोड़ें: सिर्फ ट्यूशन फीस नहीं, बल्कि किताबें, यूनिफॉर्म और विदेश में रहने के खर्चों को भी अपने प्लान में शामिल करें।