संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाती के साथ फोन पर एक महत्वपूर्ण बातचीत की है। 10 जून 2026 को हुई इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को और बेहतर बनाने पर चर्चा की। इसके अलावा, क्षेत्र में हाल ही में हुए सुरक्षा खतरों और शांति प्रयासों को लेकर कई जरूरी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
ईरान के हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या बातचीत हुई?
दोनों देशों के मंत्रियों ने क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों की समीक्षा की। बातचीत में उन बिन उकसावे वाले ईरानी आतंकवादी हमलों के असर पर चर्चा की गई, जिन्होंने UAE और अन्य मित्र देशों को निशाना बनाया था। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
गाजा, लेबनान और सूडान के हालातों पर क्या निर्णय लिया गया?
इस बातचीत में मध्य पूर्व के कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- गाजा पट्टी: दोनों मंत्रियों ने गाजा के हालातों की समीक्षा की और वहां सुरक्षा व विकास के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्लान के सभी हिस्सों को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
- लेबनान: शेख अब्दुल्ला ने लेबनान की एकता, संप्रभुता और वहां के लोगों के विकास के लिए UAE के निरंतर समर्थन को दोहराया।
- सूडान संकट: सूडान में चल रहे गृहयुद्ध पर चिंता जताते हुए नेताओं ने मानवीय संघर्ष विराम और स्थायी युद्धविराम का समर्थन करने की बात कही ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा की जा सके और उन तक जरूरी मदद पहुंचाई जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत कब हुई?
यह बातचीत 10 जून 2026 को एक फोन कॉल के जरिए हुई थी, जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई।
गाजा को लेकर दोनों नेताओं ने किस योजना का समर्थन किया?
दोनों नेताओं ने गाजा पट्टी में सुरक्षा और स्थिरता स्थापित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्लान को पूरी तरह लागू करने की बात कही है।
सूडान संकट पर मंत्रियों ने क्या रुख अपनाया?
उन्होंने सूडान में जारी गृहयुद्ध को रोकने के लिए राजनीतिक समाधान ढूंढने, एक स्वतंत्र नागरिक अंतरिम प्रक्रिया का समर्थन करने और तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
