यूएई में ईद अल-अज़हा के त्योहार को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं और इस बार बाज़ारों में भारतीय बकरों की मांग बहुत ज़्यादा बढ़ गई है. समुद्री रास्तों में दिक्कतों की वजह से इस बार भारत से बकरों को पानी के जहाजों के बजाय हवाई जहाज़ (एयर कार्गो) के ज़रिए यूएई लाया जा रहा है. परिवहन का खर्च बढ़ने से बकरों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे इस बार खरीदारी करने वालों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है.

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यूएई में बकरों की कीमत और बजट का नया गणित

यूएई के पशु बाज़ारों में त्योहार से पहले बकरों की कीमतों में बदलाव आया है. शारजाह और अन्य बाज़ारों में भारतीय बकरों की कीमत लगभग 800 दिरहम से शुरू होकर 2,200 दिरहम या उससे अधिक तक पहुंच रही है. कुछ व्यापारी इनका भाव 900 से 1,600 दिरहम भी बता रहे हैं. वहीं सोमाली बकरों की कीमत 1,000 से 2,000 दिरहम के बीच चल रही है. परिवहन लागत और क्षेत्रीय कारणों से बकरों के दामों में पिछले साल के मुकाबले 10 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. आम परिवार इस बार खरीदारी के लिए 1,000 से 1,500 दिरहम का बजट लेकर चल रहे हैं.

सरकारी विभागों की बड़ी तैयारी और बकरों का आयात

यूएई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय (MOCCAE) ने ईद के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है. मंत्रालय के क्षेत्रीय क्षेत्र के सहायक अवर सचिव, मारवान अब्दुल्ला अल ज़ाबी ने बताया कि मंत्रालय खाद्य सुरक्षा और पशुओं के स्वास्थ्य की जांच पर पूरा ध्यान दे रहा है. सीमा चौकियों पर आने वाले सभी जानवरों की चौबीसों घंटे जांच की जा रही है ताकि बीमार पशु देश में न आएं. अबू धाबी फार्मर्स सर्विस सेंटर के महानिदेशक सैफ अल सुवैदी ने कहा कि मई 2026 के अंत तक भारत से 10,000 बकरे आयात करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा दुबई नगर पालिका के बूचड़खाना अनुभाग के प्रबंधक अब्दुल्ला अल अब्बासी ने जानकारी दी कि उनके पास हर घंटे 1,000 जानवरों को संसाधित करने की क्षमता है और इस ईद पर लगभग 20,000 बलि के जानवरों के आने की उम्मीद है.

भीड़ को काबू करने और सुविधा के लिए नए इंतज़ाम

शारजाह के क्षेत्रीय बाजार प्रबंधक अब्दुल्ला अलशम्सी के अनुसार, शारजाह पुलिस और नगर पालिका के सहयोग से ईद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बाज़ारों में भीड़ को संभालने के लिए नई ट्रैकिंग प्रणाली और अतिरिक्त सुविधाएं शुरू की गई हैं. ग्राहकों की सुविधा के लिए इस बार अग्रिम बुकिंग और होम डिलीवरी की सेवाएं भी दी जा रही हैं ताकि लोगों को बाज़ार में आकर परेशान न होना पड़े. साल 2026 की शुरुआत से मई के मध्य तक यूएई में विभिन्न बंदरगाहों के ज़रिए 664,308 से अधिक भेड़, बकरे और अन्य पशु आ चुके हैं, जो कि पिछले साल से लगभग 19.51 प्रतिशत अधिक है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में भारतीय बकरों की इस समय क्या कीमत है?

यूएई के बाजारों में भारतीय बकरों की शुरुआती कीमत 800 दिरहम से लेकर अधिकतम 2,200 दिरहम तक जा रही है, जबकि सोमाली बकरे 1,000 से 2,000 दिरहम में मिल रहे हैं.

भारत से बकरों को हवाई जहाज के जरिए क्यों लाया जा रहा है?

समुद्री रास्तों में क्षेत्रीय शिपिंग व्यवधानों के कारण इस बार बकरों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए पानी के जहाजों के बदले हवाई मालवाहक सेवाओं का सहारा लिया जा रहा है.

दुबई में बलि के जानवरों के लिए क्या तैयारी है?

दुबई के बूचड़खानों में इस ईद पर लगभग 20,000 बलि के जानवरों के आने की उम्मीद है और यहां प्रति घंटे 1,000 जानवरों को संसाधित करने की पूरी व्यवस्था की गई है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.