UAE के वित्त मंत्रालय (MoF) ने ई-इनवॉइसिंग (eInvoicing) सिस्टम को लेकर कुछ अहम बदलाव किए हैं। सरकार ने उन बड़ी कंपनियों के लिए सर्विस प्रोवाइडर (ASP) चुनने की तारीख बढ़ा दी है, जिनकी सालाना कमाई 50 मिलियन दिरहम से ज्यादा है। यह फैसला कारोबारियों की जरूरतों और मार्केट की तैयारी को देखते हुए लिया गया है ताकि उन्हें बेहतर तकनीकी विकल्प मिल सकें।

ई-इनवॉइसिंग के लिए नई तारीखें और समय सीमा क्या है?

मंत्रालय ने मिनिस्टरियल डिसीजन नंबर 244 (2025) में संशोधन किया है। इसके तहत, 50 मिलियन दिरहम से अधिक सालाना राजस्व वाली कंपनियों को अब 31 जुलाई 2026 के बजाय 30 अक्टूबर 2026 तक अपना एक मान्यता प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर (ASP) नियुक्त करना होगा।

इसके अलावा, सिस्टम के पायलट फेज की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से होगी, जिसमें कंपनियां अपनी मर्जी से इसमें शामिल हो सकती हैं। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियों को सही कीमत पर अच्छी तकनीकी सेवाएं मिलें।

किस कंपनी को कब तक सिस्टम लागू करना होगा?

अलग-अलग तरह के बिजनेस और संस्थाओं के लिए सरकार ने अलग-अलग समय सीमा तय की है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

बिजनेस का प्रकार ASP नियुक्त करने की तारीख सिस्टम लागू करने की तारीख
सालाना कमाई 50 मिलियन AED से ज्यादा 30 अक्टूबर 2026 1 जनवरी 2027
सालाना कमाई 50 मिलियन AED से कम 31 मार्च 2027 1 जुलाई 2027
सरकारी संस्थाएं 1 अक्टूबर 2027
पायलट फेज (स्वैच्छिक) 1 जुलाई 2026

नियमों का पालन न करने पर कितना जुर्माना लगेगा?

सरकार ने ई-इनवॉइसिंग नियमों को लेकर सख्ती बरती है। अगर कोई कंपनी तय समय पर सिस्टम लागू नहीं करती या सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त नहीं करती, तो उसे भारी जुर्माना देना होगा।

  • सिस्टम लागू न करने या ASP न चुनने पर: 5,000 दिरहम प्रति महीना जुर्माना।
  • गलत इनवॉइस या क्रेडिट नोट पर: 100 दिरहम प्रति इनवॉइस (अधिकतम 5,000 दिरहम महीना)।
  • सिस्टम फेल होने की जानकारी FTA को न देने पर: 1,000 दिरहम प्रति दिन का जुर्माना।

ध्यान रहे कि अब सिर्फ XML फॉर्मेट (PINT AE) वाले ई-इनवॉइस ही मान्य होंगे। PDF या कागज वाले बिलों को अब वैध ई-इनवॉइस नहीं माना जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बड़ी कंपनियों के लिए ASP नियुक्त करने की नई तारीख क्या है?

जिन कंपनियों की सालाना कमाई 50 मिलियन दिरहम से ज्यादा है, उनके लिए सर्विस प्रोवाइडर (ASP) नियुक्त करने की डेडलाइन 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर अब 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

क्या PDF बिल अब मान्य होंगे?

नहीं, नए नियमों के अनुसार केवल स्ट्रक्चर्ड XML फॉर्मेट (PINT AE) में बने ई-इनवॉइस ही मान्य होंगे। PDF और कागज के बिल अब वैध ई-इनवॉइस नहीं माने जाएंगे।