UAE के Ministry of Human Resources and Emiratization (MoHRE) ने साफ कर दिया है कि 2025 के एमिराताइजेशन लक्ष्य पूरे न करने वाली निजी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने घोषणा की है कि जो कंपनियाँ 2025 तक निर्धारित अमीराती कर्मियों की भर्ती नहीं करेंगी, उन्हें प्रति न भरे गए पद पर Dh108,000 का जुर्माना देना पड़ेगा।

यह दंड जनवरी 2026 से लागू होगा और सीधे मंत्रालय द्वारा वसूला जाएगा।


क्या है नया नियम?

  • हर कंपनी को 2025 के लिए तय अमीराती भर्ती (Emiratisation quota) पूरी करनी होगी।

  • लक्ष्य पूरा न होने पर Dh108,000 प्रति अमीराती कमी के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।

  • यह जुर्माना 2026 की शुरुआत से लागू होगा और समय पर भुगतान न करने पर अतिरिक्त पेनल्टी भी लग सकती है।

 

 


सरकार का उद्देश्य

मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य—

  • UAE नागरिकों के लिए अधिक रोजगार अवसर बढ़ाना

  • निजी कंपनियों में राष्ट्रीय प्रतिभा की भागीदारी सुनिश्चित करना

  • श्रम बाज़ार को संतुलित और प्रतिस्पर्धी बनाना


पहले से सख़्त निगरानी

पिछले दो वर्षों से UAE निजी कंपनियों में एमिराताइजेशन को लेकर निगरानी और दंड को सख़्त कर रहा है।

  • कोटा पूरा न करने पर पहले भी ग्रेड-वार जुर्माने लगाए गए थे।

  • कई कंपनियों पर फर्जी एमिराती रोजगार दिखाने के आरोपों में कार्रवाई भी हुई है।


कंपनियों के लिए चेतावनी

MoHRE ने निजी क्षेत्र को चेतावनी दी है कि—

  • लक्ष्य न पूरा करने पर वित्तीय दंड के साथ लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाइयाँ भी हो सकती हैं।

  • कंपनियों को 2025 खत्म होने से पहले अपने Emiratisation positions को भरना अनिवार्य है।

 

प्रवासियों पर होने वाले असर

इस पूरे प्रकरण में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारी मात्रा में प्रवासी कर्मचारियों के ऊपर भी असर होने वाला है. हालाँकि इसका असर काफ़ी कम रहने वाला है क्योंकि तय किया हुआ लक्ष्य संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहे हैं टोटल वर्क फ़ोर्स के 1% हिस्से को ही प्रभावित करेगा. नौकरियों को संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों को देने के लिए जो क़दम उठाया गया है उससे प्रवासियों के नौकरियों की कटौती ना के बराबर हो गई है.