UAE ने ईरान के साथ व्यापार किया खत्म, अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के बीच बड़ा फैसला.

खाड़ी के देशों में इस समय हालात काफी ज्यादा तनावपूर्ण बने हुए हैं और हर दिन नए फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में UAE ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए ईरान के साथ अपना सारा व्यापार पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे कड़े आर्थिक संघर्ष के दौरान यह फैसला सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। आम लोग और व्यापारी इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि आने वाले दिनों में इसका असर बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी पर किस तरह से पड़ेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक और सैन्य टकराव
तारीख 24 अगस्त 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ जंग जीत रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि ईरान इस समय आर्थिक और सैन्य रूप से पूरी तरह तबाह हो रहा है और वहां भारी संकट पैदा हो गया है। इससे पहले अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने ईरान के खिलाफ आर्थिक डी-डे का ऐलान किया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ईरान की सैन्य ताकत को लगभग पूरी तरह से खत्म कर दिया है और उसकी परमाणु योजनाओं पर भी गहरी चोट की है। इन सभी सख्त प्रतिबंधों की वजह से ईरान की मुद्रा रियाल का हाल बेहाल हो गया है और यह खुले बाजार में गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 20.2 लाख रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गई है।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और अन्य देशों का रुख
अमेरिका के इन कड़े कदमों का जवाब देते हुए ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने चेतावनी दी कि इन प्रतिबंधों का बहुत खतरनाक और भारी असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने अमरीकी समर्थन को सीधे तौर पर युद्ध की कार्रवाई करार दिया। स्थिति को संभालने के लिए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पिछले दिनों यानी 23 अगस्त 2026 को यह सुझाव दिया था कि मौजूदा अनिश्चित हालात से बेहतर है कि पुराने समझौते की तरफ दोबारा लौटा जाए। दूसरी तरफ चीन ने साफ कर दिया है कि वह एकतरफा प्रतिबंधों के बिल्कुल खिलाफ है और इस मामले में उसका रुख अलग है। वहीं एसीएलईडी की प्रोफेसर Clionadh Raleigh का कहना है कि ईरान भले ही आर्थिक तंगी से गुजर रहा है लेकिन प्रतिबंधों से बचने की उसकी पुरानी आदत को देखते हुए यह लड़ाई लंबे समय तक खिंच सकती है।
चुनावी सर्वे को लेकर अमेरिका में विवाद
ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने देश के राजनीतिक माहौल पर भी तीखी बात कही। उन्होंने कट्टर वामपंथी डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फर्जी पोल छापकर मतदाताओं का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं। उनका दावा था कि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है और असली सर्वे बहुत मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब पिछले हफ्ते Median Strategies नाम की एक संस्था ने खुद यह बात स्वीकार की थी कि उसने अलग-अलग राज्यों में एक सामाजिक प्रयोग के तौर पर झूठे पोल के नतीजे छापे थे। इन तमाम घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति और स्थानीय बाजारों में हर कोई आने वाले हालातों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।