यूएई सरकार पर्यावरण को बचाने और क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिन्त अब्दुल्ला अल दहाक ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यूएई क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों को विकास और नए मौकों में बदल रहा है। इस बीच सरकार ने नया कानून भी लागू कर दिया है जिसके तहत नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।

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नियमों का उल्लंघन करने पर लगेगा 50,000 से 20 लाख दिरहम तक का जुर्माना

यूएई सरकार ने फेडरल डिक्री-लॉ नंबर (11) ऑफ 2024 लागू किया है। इस कानून के तहत सभी सरकारी और प्राइवेट कंपनियों को अपनी ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस नियम का पालन करने की समय सीमा 30 मई 2026 तय की गई थी। जो भी कंपनियां इस नियम का पालन करने में असमर्थ रहेंगी, उन पर 50,000 दिरहम से लेकर 20 लाख दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। जिन कंपनियों का सालाना उत्सर्जन 0.5 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक है, उनके लिए नेशनल कार्बन रजिस्ट्री में पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री डॉ. आमना अल दहाक का बड़ा बयान

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिन्त अब्दुल्ला अल दहाक ने 4 जून 2026 को कहा कि यूएई पर्यावरण को बचाने की दिशा में सबसे आगे रहने वाला देश है। इस साल विश्व पर्यावरण दिवस ‘Now For Climate’ थीम के तहत मनाया जा रहा है। यूएई ने अपनी धरती और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़ी योजनाएं बनाई हैं, जैसे कि साल 2030 तक 100 मिलियन मैंग्रोव के पौधे लगाना। यूएई में लुप्तप्राय जीवों के अवैध व्यापार पर भी सख्त कानून है, जिसमें 15 साल तक की जेल और 20 लाख दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

यूएई के नेट जीरो 2050 लक्ष्य और अन्य बड़ी घोषणाएं

यूएई सरकार ने साल 2050 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए देश में सर्कुलर इकोनॉमी पॉलिसी 2021-2031 जैसी नीतियां लागू की गई हैं। साल 2026 से तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल्स, ऊर्जा, स्टील और सीमेंट जैसे बड़े उद्योगों के लिए खास एमिशन लिमिट तय की जाएगी। दिसंबर 2026 में यूएई और सेनेगल मिलकर अबू धाबी में यूएन वाटर कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेंगे, जिससे पानी की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर काम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई के क्लाइमेट चेंज कानून के तहत कंपनियों के लिए क्या रिपोर्ट करना जरूरी है?

यूएई में सभी सरकारी और प्राइवेट कंपनियों को अपने ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की जानकारी देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

पर्यावरण नियमों का पालन न करने पर कितना जुर्माना लग सकता है?

नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर 50,000 दिरहम से लेकर 20 लाख दिरहम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.