संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अनाथ बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक बहुत ही सराहनीय कदम उठाया गया है। एमिरेट्स रेड क्रिसेंट (ERC) ने अनाथों के लिए बनाए गए ‘मदर ऑफ द नेशन’ एंडोमेंट फंड में अपनी मदद बढ़ाकर अब 150 मिलियन दिरहम कर दी है। यह फैसला शेख हमदान बिन जायद अल नाहयान के निर्देशों के बाद लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश में अनाथ बच्चों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है।

अनाथ बच्चों को कौन सी सुविधाएं दी जाएंगी?

इस खास फंड का संचालन Awqaf Abu Dhabi द्वारा किया जा रहा है। इसका तरीका थोड़ा अलग और टिकाऊ है। इसमें जमा किए गए पैसों को निवेश किया जाएगा ताकि उससे होने वाली कमाई से बच्चों का खर्च हमेशा चलता रहे। यह किसी एक बार की मदद की तरह नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए जीवनभर का सहारा बनेगा।

  • शिक्षा: बच्चों के स्कूल की फीस और पढ़ाई-लिखाई का सारा सामान दिया जाएगा।
  • स्वास्थ्य: अच्छे अस्पतालों में इलाज और सभी जरूरी दवाइयां मुफ्त मिलेंगी।
  • रहन-सहन: रहने के लिए घर, खाने-पीने का सामान और बुनियादी खर्चों के लिए पैसे दिए जाएंगे।

मदद और फंड से जुड़ी जरूरी जानकारी

इस अभियान में सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बड़े लोग भी आगे आ रहे हैं। हाल ही में कारोबारी सुल्तान बिन राशिद अल धहरी ने भी 20 मिलियन दिरहम का योगदान दिया है। इस फंड के जरिए बच्चों को एक परिवार जैसा माहौल देने की कोशिश की जा रही है ताकि उन्हें माता-पिता की कमी महसूस न हो।

विवरण जानकारी
ERC का कुल योगदान 150 मिलियन दिरहम
प्रति बच्चा मासिक खर्च 5,000 दिरहम
सालाना फंड की जरूरत 120 मिलियन दिरहम
लक्षित बच्चों की संख्या 2,000 अनाथ बच्चे

शेख हमदान बिन जायद अल नाहयान ने कहा है कि अनाथों की देखभाल करना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि UAE हमेशा से मानवता की सेवा के लिए आगे रहा है और यह कदम उसी परंपरा का हिस्सा है। इस फंड के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी बच्चे को पैसों की वजह से अपनी पढ़ाई या इलाज न छोड़ना पड़े।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.