UAE के राष्ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा अथॉरिटी बनाने को मंजूरी दे दी है. इस नए कदम का मकसद सरकारी डेटा और एआई की सुविधाओं को एक ही नेशनल सिस्टम में लाना है. इससे सरकारी कामकाज और बेहतर होगा और आम लोगों को सेवाएं ज्यादा तेजी से मिलेंगी.

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क्या होगा इस अथॉरिटी का काम

इस नई संस्था को 14 जून 2026 को मंजूरी मिली और यह सीधे यूएई कैबिनेट को रिपोर्ट करेगी. ओमर सुल्तान अल ओलामा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के राज्य मंत्री हैं, इसके चेयरमैन होंगे. इस अथॉरिटी के जरिए तीन अलग-अलग विभागों को एक साथ मिला दिया गया है, जिनमें AI ऑफिस, डिजिटल गवर्नमेंट सेक्टर और यूएई डेटा ऑफिस शामिल हैं.

यह अथॉरिटी डेटा प्लेटफॉर्म तैयार करेगी ताकि सरकार सही जानकारी के आधार पर फैसले ले सके. साथ ही, यह एआई के इस्तेमाल के लिए नियम बनाएगी और सरकारी विभागों में डिजिटल बदलाव लाने के लिए गाइडलाइंस जारी करेगी. इसका मुख्य काम देश में एआई की रिसर्च और तकनीकी सलाह देना भी होगा.

सरकार का विजन

शेख मोहम्मद बिन राशिद ने बताया कि उनका लक्ष्य एक ऐसी सरकार बनाना है जो ज्यादा तेज और स्मार्ट हो. उन्होंने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों की सेवा करने और अगली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य बनाने में करे. उन्होंने डेटा और एजेंटिक एआई (Agentic AI) पर आधारित सरकार बनाने पर जोर दिया है जिससे फैसले जल्दी लिए जा सकें.

डिजिटल बदलाव की अन्य तैयारी

इस बड़े फैसले से पहले 11 जून 2026 को शेख हमदान बिन मोहम्मद ने प्राइवेट सेक्टर में एजेंटिक एआई को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी दी थी. इससे लगभग 2.95 लाख कंपनियों को फायदा होगा और 50 नई एआई कंपनियां बनाने में मदद मिलेगी.

मई 2026 में सरकार ने एआई एजेंट्स की शुरुआत की थी, ताकि अगले दो साल में आधी सरकारी सेवाएं एआई के जरिए दी जा सकें. इसके साथ ही, दुबई की सभी सरकारी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का काम भी चल रहा है, जिसे एक साल के भीतर पूरा करना है.