UAE में हायर एजुकेशन के लिए नया नियम लागू, अब लाइसेंस और मान्यता के खर्च पर बैठेगा सरकार का कड़ा पहरा.

संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने देश के उच्च शिक्षा और तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। 21 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से लागू किए गए इस नए नियम के तहत अब संस्थानों की जांच और मूल्यांकन के खर्च तय किए जाएंगे। इस बात की जानकारी कैबिनेट के उस फैसले के बाद सामने आई जिसे इसी साल 1 जून 2026 को जारी किया गया था। इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य यह है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी अपने लाइसेंस और मान्यता से जुड़े खर्चों को एक तय नियम के तहत ही संभालें।
रिव्यू फंड की स्थापना
सरकार ने इस प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए एक खास फंड बनाया है जिसका नाम 'Review Fund for Higher Education Institutions and Technical and Vocational Education and Training Institutions' रखा गया है। मान्यता की जांच से मिलने वाला सारा पैसा इसी फंड में जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल करके सरकार बाहर से आने वाले एक्सपर्ट्स, बाहरी जांचकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के खर्चों का भुगतान करेगी। ऐसा करने से देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मान्यता प्रक्रिया और ज्यादा मजबूत, स्वतंत्र और भरोसेमंद बनेगी ताकि छात्र आंख बंद करके इस पर भरोसा कर सकें।
अधिकारियों ने क्या कहा
उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय (MoHESR) के अंडरसेक्रेटरी डॉ. अहमद सुल्तान अल शोएबी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बहुत जरूरी था। उन्होंने साफ किया कि इस नए नियम का मकसद संस्थानों के बीच मुकाबला बढ़ाने के साथ-साथ आम जनता का भरोसा शिक्षा की गुणवत्ता पर और ज्यादा पक्का करना है ताकि वैश्विक स्तर के मानकों को पूरा किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी आप WAM News की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।
यह नया नियम असल में उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े फेडरल डिक्री-लॉ का ही एक हिस्सा है। इसके लागू होने से देश के सभी बड़े शैक्षणिक संस्थानों और वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स की कार्यकुशलता में सुधार आएगा। यूएई में काम करने वाले प्रवासी भारतीयों और वहां पढ़ने वाले छात्रों के परिवारों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है क्योंकि इससे पढ़ाई की क्वालिटी और डिग्री की वैल्यू दोनों पर सरकार का कड़ा और अच्छा नियंत्रण रहेगा।