UAE में अब सफर करना बहुत आसान होने वाला है। Etihad Rail ने अपनी पैसेंजर ट्रेन सेवाओं की घोषणा कर दी है, जिससे लोगों का समय बचेगा और यात्रा आरामदायक होगी। सबसे पहले अबू धाबी और फुजैराह के बीच ट्रेन चलेगी, जिससे आम लोगों और प्रवासियों को काफी राहत मिलेगी।

सफर के समय और तारीखों में बदलाव

अबू धाबी से फुजैराह के बीच ट्रेन सेवा 30 जून 2026 से शुरू होगी। इस रूट पर अब सफर करने में सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट लगेंगे, जबकि सड़क के रास्ते इसमें लगभग तीन घंटे का समय लगता था। इस शुरुआती फेज में दोनों तरफ से रोजाना तीन ट्रेनें चलेंगी।

पूरे UAE का पैसेंजर रेल नेटवर्क आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर 2026 को शुरू होगा, जिसमें दुबई और अल धैद स्टेशन खुलेंगे। इसके बाद 30 दिसंबर 2026 को अल डफ़रा स्टेशन और 30 मार्च 2027 को शारजाह स्टेशन शुरू होकर यह पूरा रूट तैयार हो जाएगा।

टिकट और किराए की जानकारी

टिकटों की बुकिंग 23 जून 2026 से Etihad Rail की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो गई है। अबू धाबी से फुजैराह के सफर के लिए किराए की जानकारी नीचे दी गई है

ट्रेन क्लास किराया (एक तरफ का)
Comfort Class 55 AED
Premium Class 120 AED

कंपनी ने राउंड ट्रिप (आने-जाने) के टिकटों पर 50 प्रतिशत की छूट का ऑफर भी दिया है।

ट्रेन की सुविधाएं और रफ्तार

यह रेल नेटवर्क UAE के 11 शहरों और इलाकों को जोड़ेगा, जिनमें अबू धाबी, दुबई, शारजाह, फुजैराह, अल सिला, अल धन्ना, अल मिरफा, मदीनत जायद, लीवा, अल फाया और अल धैद शामिल हैं। ट्रेनें 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी।

  • कुल 13 ट्रेनें होंगी और एक ट्रेन में 400 यात्री सफर कर सकेंगे।
  • दोनों क्लास में फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलेगी।
  • Premium Class में बड़ी और झुकने वाली सीटें, ज्यादा पैर रखने की जगह और मुफ्त स्नैक्स व ड्रिंक्स मिलेंगे।
  • स्टेशनों पर कैफे, रेस्टोरेंट और दुकानों की सुविधा होगी।

सरकारी अधिकारियों के बयान

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और अबू धाबी कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 23 जून 2026 को मोहम्मद बिन जायद सिटी पैसेंजर ट्रेन स्टेशन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट UAE के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करेगा और पर्यटन व निवेश को बढ़ावा देगा।

वहीं, Etihad Rail Mobility की डिप्टी सीईओ अज़ा अल सुवैदी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। इसके लिए एक नेशनल सेफ्टी कैंपेन शुरू किया गया है ताकि लोग रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे के साथ सुरक्षित तरीके से जुड़ सकें।