UAE ने एक बड़ा कदम उठाते हुए OPEC और OPEC+ गठबंधन से अलग होने का फैसला किया है. यह बदलाव 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है. UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने इस खबर की पुष्टि की है. अब UAE अपने तेल उत्पादन की मात्रा को अपनी रणनीतिक जरूरतों के हिसाब से तय कर सकेगा.

ℹ: Saudi Arabia Hajj Update: हज यात्रियों के लिए सऊदी का बड़ा तोहफा, अब एयरपोर्ट पर नहीं करना होगा इंतज़ार, सीधे होटल पहुँचेगा सामान

UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों लिया?

UAE अपनी तेल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रहा है. Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) का लक्ष्य साल 2027 तक उत्पादन क्षमता को 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुँचाना है. OPEC+ के नियमों और कोटा की वजह से उत्पादन बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी. इसके अलावा, तेल उत्पादन की सीमा को लेकर सऊदी अरब और UAE के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया.

क्या UAE के बाहर निकलने से OPEC पर असर पड़ेगा?

कुवैती एक्सपर्ट Kamel Al-Harami के अनुसार UAE के बाहर निकलने से OPEC पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह बात भी साफ की कि UAE इस संगठन का संस्थापक सदस्य नहीं था. OPEC की स्थापना 1960 में हुई थी और इसके संस्थापक सदस्य सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और वेनेजुएला थे. UAE साल 1967 में अबू धाबी के जरिए इस संगठन से जुड़ा था.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE आधिकारिक तौर पर OPEC से कब अलग हुआ?

UAE का OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला 1 मई 2026 से लागू हो गया है.

OPEC के संस्थापक सदस्य कौन से देश थे?

OPEC की स्थापना 1960 में हुई थी और इसके संस्थापक सदस्य सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और वेनेजुएला थे.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.