संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दुनिया के तेल बाजार में एक बहुत बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. देश अब OPEC और OPEC+ गठबंधन से बाहर निकल जाएगा. यह फैसला 1 मई 2026 से लागू होगा, जिससे UAE अब अपनी तेल उत्पादन नीति खुद तय कर सकेगा.

UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों लिया?

ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री Suhail Mohammed Al Mazrouei ने बताया कि यह पूरी तरह से एक नीतिगत फैसला है. उन्होंने साफ किया कि यह कोई राजनीतिक कदम नहीं है. समूह में रहने की वजह से तेल उत्पादन बढ़ाने या घटाने में कई बार दिक्कतें आती थीं. अब UAE चाहता है कि वह बाजार की मांग के हिसाब से तेजी से फैसले ले सके और उत्पादन में लचीलापन लाए. उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर किसी अन्य देश से सलाह नहीं ली गई थी.

तेल उत्पादन में कितनी बढ़ोतरी होगी और क्या है लक्ष्य?

UAE अब अपनी तेल उत्पादन क्षमता को काफी बढ़ाने की तैयारी में है. सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक उत्पादन क्षमता को 3.4 मिलियन बैरल प्रति दिन से बढ़ाकर 5 मिलियन बैरल प्रति दिन कर दिया जाए. UAE साल 1967 में अबू धाबी के जरिए OPEC में शामिल हुआ था और 1971 में देश के गठन के बाद भी इसका सदस्य बना रहा.

इस फैसले का क्या असर होगा?

उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री और ADNOC के सीईओ Dr. Sultan Al Jaber ने इसे एक संप्रभु निर्णय बताया है. यह फैसला UAE की लंबी समय की ऊर्जा रणनीति और राष्ट्रीय हितों के हिसाब से लिया गया है. जानकारों का कहना है कि उत्पादन कोटा को लेकर सऊदी अरब के साथ मतभेद और अपनी क्षमता बढ़ाने की इच्छा इस फैसले की बड़ी वजह रही है. इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है और OPEC का प्रभाव कम हो सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE कब से OPEC से बाहर होगा?

UAE 1 मई 2026 से पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) और OPEC+ गठबंधन से आधिकारिक तौर पर बाहर हो जाएगा.

UAE का नया तेल उत्पादन लक्ष्य क्या है?

UAE का लक्ष्य 2027 तक अपनी तेल उत्पादन क्षमता को 3.4 मिलियन बैरल प्रति दिन से बढ़ाकर 5 मिलियन बैरल प्रति दिन करना है.