UAE ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ समूह को छोड़ दिया है। इस बड़े बदलाव के बाद भी तेल उत्पादक देशों के समूह ने अपनी रणनीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है और जून महीने के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर ली है। हालांकि, ईरान और अमेरिका-इसरायल के बीच चल रहे तनाव ने इस पूरी योजना को काफी प्रभावित किया है।
OPEC+ ने तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या फैसला लिया है?
सऊदी अरब और रूस सहित सात सदस्य देशों ने जून महीने के लिए कच्चे तेल के उत्पादन में लगभग 1 लाख 88 हजार बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी पर शुरुआती सहमति जताई है। इस फैसले को 3 मई 2026 को होने वाली एक ऑनलाइन बैठक में औपचारिक मंजूरी मिल सकती है। यह बढ़ोतरी लगभग पिछले महीने के स्तर के बराबर है, लेकिन इस बार इसमें UAE का कोई हिस्सा शामिल नहीं होगा क्योंकि देश ने समूह छोड़ दिया है।
UAE ने OPEC+ क्यों छोड़ा और आगे की क्या योजना है?
UAE ने 28 अप्रैल 2026 को अपनी उत्पादन नीति और क्षमता की समीक्षा के बाद बाहर निकलने का ऐलान किया था। UAE के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी उत्पादन नीतियां बाजार की स्थिरता के आधार पर तय होंगी। UAE सरकार का लक्ष्य है कि वह अपनी उत्पादन क्षमता को, जो 2020 में 4 मिलियन बैरल प्रतिदिन से कम थी, 2027 तक बढ़ाकर 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कर ले। इसके लिए देश 2030 तक अपने घरेलू तेल क्षेत्र में करीब 145 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में क्या समस्या है?
जानकारों का मानना है कि तेल उत्पादन बढ़ाने का यह फैसला केवल दिखावे के लिए है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका-इसरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से जहाजों की आवाजाही में 90 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। इस रुकावट की वजह से सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देशों के लिए तेल निर्यात करना बहुत मुश्किल हो गया है, जिससे उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य पूरा करना कठिन है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE आधिकारिक तौर पर कब से OPEC+ से बाहर हुआ है?
UAE 1 मई 2026 से आधिकारिक तौर पर OPEC और OPEC+ दोनों समूहों से बाहर हो गया है।
जून महीने के लिए तेल उत्पादन में कितनी बढ़ोतरी का लक्ष्य है?
सात सदस्य देशों ने जून के लिए करीब 1 लाख 88 हजार बैरल प्रतिदिन अतिरिक्त तेल उत्पादन का लक्ष्य रखा है।