UAE ने एक बड़ा कदम उठाते हुए OPEC और OPEC+ गठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है। इस फैसले के बाद अब UAE अपने तेल उत्पादन के लक्ष्यों को बिना किसी पाबंदी के पूरा कर सकेगा, जिससे ग्लोबल मार्केट की स्थिति बदल सकती है।

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UAE ने यह राजनीतिक फैसला क्यों लिया?

UAE के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला देश के लंबे समय के आर्थिक विजन और ऊर्जा प्रोफाइल को देखते हुए लिया गया है। ऊर्जा मंत्री सुहैल अल-मज़रोई ने इसे एक राजनीतिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि UAE अब 2027 तक रोजाना 50 लाख बैरल तेल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना चाहता है और इसके लिए उसे OPEC के कोटा की पाबंदियों की ज़रूरत नहीं है। मंत्री ने यह भी साफ़ किया कि सऊदी अरब के साथ उनका कोई विवाद नहीं है और वे सऊदी नेतृत्व का पूरा सम्मान करते हैं।

तेल बाज़ार और अन्य देशों पर क्या असर पड़ेगा?

Micro-Advisory Partners के CEO क्रिस वीफर ने कहा कि UAE के बाहर निकलने से एक मिलियन बैरल की अतिरिक्त क्षमता खाली हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि कजाकिस्तान और वेनेजुएला भी इस रास्ते पर चल सकते हैं, जिससे तेल की कीमतों पर OPEC का कंट्रोल कम हो जाएगा। हालांकि, कजाकिस्तान और इराक ने इस बात से इनकार किया है कि वे गठबंधन छोड़ेंगे। रूस ने इसे UAE का संप्रभु फैसला बताया है।

बाज़ार के जानकारों का कहना है कि इससे तेल की सप्लाई में तालमेल बिठाना मुश्किल होगा और भविष्य में मार्केट में अस्थिरता आ सकती है। फिलहाल तेल की कीमतों पर इसका असर कम दिख रहा है क्योंकि दुनिया का ध्यान होर्मुज़ जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव पर ज़्यादा है।

देश स्थिति और बयान तारीख
UAE OPEC और OPEC+ से बाहर हुआ 1 मई 2026
कजाकिस्तान गठबंधन में बने रहने की पुष्टि की 29 अप्रैल 2026
इराक OPEC छोड़ने का कोई इरादा नहीं 29 अप्रैल 2026
रूस इसे UAE का निजी फैसला माना 29 अप्रैल 2026

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE कब से OPEC से बाहर हुआ है?

UAE ने 28 अप्रैल 2026 को अपनी विदाई की घोषणा की थी और यह फैसला 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है।

UAE ने OPEC छोड़ने के बाद क्या लक्ष्य रखा है?

UAE अब बिना किसी कोटा पाबंदी के 2027 तक अपना तेल उत्पादन बढ़ाकर रोजाना 50 लाख बैरल करना चाहता है।