UAE ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए OPEC और OPEC+ समूह को अलविदा कह दिया है। यह फैसला देश की अपनी आर्थिक आजादी और संप्रभुता को मजबूत करने के लिए लिया गया है। इस बड़े बदलाव की जानकारी 4 मई से अबू धाबी में चल रहे ‘Make it in the Emirates 2026’ सम्मेलन के दौरान दी गई है।
UAE ने OPEC क्यों छोड़ा और अब क्या होगा?
UAE आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 को OPEC और उसके सहयोगी देशों (OPEC+) से अलग हो गया। इस फैसले की पहली जानकारी 28 अप्रैल को WAM द्वारा दी गई थी। अब UAE पर तेल उत्पादन की कोई पाबंदी या कोटा नहीं रहेगा, जिससे वह अपनी मर्जी और बाजार की जरूरत के हिसाब से तेल का उत्पादन तय कर सकेगा। ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री Suhail Mohamed Al Mazrouei ने बताया कि यह एक नीतिगत फैसला था, जिसे देश की ऊर्जा रणनीति और उत्पादन क्षमता की समीक्षा के बाद लिया गया।
‘Make it in the Emirates 2026’ सम्मेलन की मुख्य बातें
अबू धाबी के ADNEC सेंटर में 4 मई से 7 मई तक यह बड़ा इवेंट आयोजित हो रहा है, जिसका थीम ‘औद्योगिक संप्रभुता’ रखा गया है। ADNOC के CEO और उद्योग मंत्री Sultan Ahmed Al Jaber ने साफ किया कि यह फैसला किसी खास देश के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह UAE की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और भविष्य के लक्ष्यों के अनुरूप है। अब सरकार का मुख्य फोकस घरेलू निवेश को बढ़ाने पर है। इस कार्यक्रम में ENOC Group भी अपने लुब्रिकेंट और ग्रीस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (ELOMP) के जरिए देश की औद्योगिक ताकत का प्रदर्शन कर रहा है।
क्या तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा?
इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में मामूली हलचल देखी गई। हालांकि, मंत्री Al Mazrouei ने कहा कि उन्हें बाजार पर किसी बड़े और तुरंत असर की उम्मीद नहीं है, क्योंकि Strait of Hormuz में पहले से ही कुछ रुकावटें हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि UAE एक जिम्मेदार उत्पादक की तरह काम करता रहेगा ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई और मांग का संतुलन बना रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE ने OPEC और OPEC+ कब छोड़ा?
UAE आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 को इन संगठनों से अलग हो गया, जबकि इसकी घोषणा 28 अप्रैल 2026 को की गई थी।
इस फैसले से UAE को क्या फायदा होगा?
अब UAE को किसी बाहरी संगठन द्वारा तय किए गए उत्पादन कोटा का पालन नहीं करना होगा और वह अपनी तेल उत्पादन क्षमता को स्वतंत्र रूप से मैनेज कर सकेगा।