UAE का बड़ा कदम, सितंबर 2021 से अब तक किए 38 नए व्यापार समझौते, नॉन-ऑयल ट्रेड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी.

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी UAE ने अपने वैश्विक व्यापार नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। देश ने सितंबर 2021 से लेकर अब तक कुल 38 कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट्स यानी CEPAs साइन किए हैं। इन समझौतों का मुख्य मकसद देश के निर्यात बाजारों को बढ़ाना, व्यापार में आने वाली रुकावटों को कम करना और ग्लोबल स्तर पर देश को निवेश और व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है। इस रणनीतिक पहल की वजह से देश के बिना तेल वाले विदेशी व्यापार में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की गई है।
साल 2026 की पहली छमाही में व्यापार का आंकड़ा
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, साल 2026 की पहली छमाही में यूएई का नॉन-ऑयल फॉरेन ट्रेड बढ़कर AED 1.937 ट्रिलियन के स्तर पर पहुंच गया। इसमें से अकेले नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट्स का आंकड़ा लगभग AED 452.8 बिलियन रहा है। सरकार की इन नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को लगातार बढ़ावा मिल रहा है और आम लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। जो देश और कंपनियां इन व्यापार समझौतों के दायरे में आती हैं, उनके साथ व्यापार में भी भारी उछाल देखने को मिला है।
इन देशों के साथ मजबूत हुए आर्थिक संबंध
मौजूदा समय में जिन देशों के साथ CEPA फ्रेमवर्क सक्रिय है, उनके साथ साल 2026 की पहली छमाही में कुल व्यापार AED 304.3 बिलियन दर्ज किया गया। इसमें अकेले यूएई से इन क्षेत्रों में होने वाला निर्यात AED 66.1 बिलियन तक पहुंच गया। यूएई का यह व्यापारिक दायरा अब एशिया, यूरोप और अफ्रीका महाद्वीप तक फैल चुका है। इसमें भारत, इंडोनेशिया, तुर्किये, यूक्रेन, सर्बिया, केन्या, गैबॉन और कांगो गणराज्य जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इन समझौतों के जरिए कृषि, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे अहम सेक्टर में आपसी सहयोग को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।