दुबई और अन्य अमीराती शहरों में रहने वाले प्रवासियों के लिए अपने पैसों का सही मैनेजमेंट करना अब बहुत ज़रूरी हो गया है. अक्सर लोग अलग-अलग देशों में अपनी सेविंग्स, लोन और पेंशन रखते हैं, जिससे बाद में बड़ी मुश्किलें आती हैं. St. James’s Place और Khaleej Times की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सही समय पर प्लानिंग न की जाए तो टैक्स और कानूनी पचड़ों में फंसने का डर रहता है, खासकर उन भारतीयों के लिए जो यूके या अन्य देशों से यहाँ आए हैं.
UAE में रहने वालों के लिए ज़रूरी फाइनेंशियल चेकलिस्ट
प्रवासियों को अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए कुछ ज़रूरी कदमों पर ध्यान देना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि घर छोड़ने से कम से कम 12 से 18 महीने पहले प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए ताकि टैक्स की समस्या न हो.
| ज़रूरी चीज़ | क्या करना होगा |
|---|---|
| UK टैक्स रेजिडेंसी | HMRC को Form P85 के ज़रिए जानकारी दें ताकि टैक्स रिफंड मिल सके. |
| पेंशन प्लानिंग | UK पेंशन को UAE में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, इसलिए रेगुलेटेड सलाह लें. |
| प्रॉपर्टी मैनेजमेंट | UK प्रॉपर्टी को बेचने या रेंट पर देने का फैसला टैक्स नियमों के हिसाब से करें. |
| इमरजेंसी फंड | लोकल बैंक अकाउंट खोलकर 3 से 6 महीने के खर्च का पैसा जमा करें. |
| हेल्थ इंश्योरेंस | कंपनी के इंश्योरेंस के अलावा परिवार के लिए इंटरनेशनल कवर पर विचार करें. |
| टैक्स रेजिडेंसी | UAE में टैक्स रेजिडेंट बनें ताकि पर्सनल इनकम टैक्स से छूट मिल सके. |
| वसीयत (Will) | UAE में रजिस्टर्ड वसीयत ज़रूर बनाएं वरना संपत्ति ‘अनअसाइंड’ मानी जाएगी. |
विदेशी संपत्तियों और नए नियमों का क्या होगा असर
Khaleej Times के मुताबिक, कई प्रवासियों का पैसा अलग-अलग देशों में बिखरा होता है. किसी का लोन यूरोप में है तो इन्वेस्टमेंट UAE में, जिससे पूरे पैसे का सही हिसाब नहीं मिल पाता. इसे ‘फ्रेगमेंटेशन’ कहा जाता है, जिससे बाद में भारी नुकसान हो सकता है. साथ ही, कई लोग पुराने टैक्स दायित्वों को भूल जाते हैं, जो सालों बाद बड़ी मुसीबत बन सकते हैं.
नए अपडेट्स के अनुसार, 3 फरवरी 2026 से UAE कानून में बदलाव हुआ है, जिससे रजिस्टर्ड वसीयत बनाना और भी ज़रूरी हो गया है. वहीं, 19 मई 2026 की रिपोर्ट बताती है कि अब ज़्यादा लोग DIFC और ADGM जैसे क्षेत्रों में होल्डिंग कंपनियों और फैमिली ऑफिस के ज़रिए अपनी संपत्ति सुरक्षित कर रहे हैं. यह कदम ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता से बचने के लिए उठाया जा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या UK पेंशन को सीधे UAE की किसी स्कीम में ट्रांसफर किया जा सकता है
नहीं, UK पेंशन को सीधे UAE की स्कीम में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता क्योंकि UAE में कोई HMRC-अप्रूव्ड QROPS स्कीम उपलब्ध नहीं है.
UAE में टैक्स के क्या नियम लागू हैं
UAE में व्यक्तियों पर कोई पर्सनल इनकम टैक्स, कैपिटल गेन्स टैक्स या इनहेरिटेंस टैक्स नहीं है, लेकिन ज़्यादातर सामान और सेवाओं पर 5% VAT लगता है.
