मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले एक महीने के हालात की वजह से कई लोगों को सैलरी कट और बिना तनख्वाह वाली छुट्टी (unpaid leave) का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर प्रवासियों की नौकरियों और बजट पर सीधा असर दिखने लगा है, जिससे भारतीय और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।

प्रवासियों पर क्या हो रहा है असर और सैलरी में क्यों हुई कटौती?

तनाव की वजह से व्यापार और नौकरियों पर काफी दबाव बढ़ा है। शारजाह और दुबई में रहने वाले कर्मचारियों ने बताया है कि मार्च में पूरी सैलरी मिली थी, लेकिन अप्रैल में कई कंपनियों ने वेतन में कटौती करना शुरू कर दिया है। इससे प्रवासियों के लिए रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा, जो लोग छुट्टियों पर अपने देश गए थे, वे उड़ानों में दिक्कत और सुरक्षा कारणों से समय पर वापस नहीं आ सके, जिससे कंपनियों ने उनकी छुट्टियों को बिना वेतन के आगे बढ़ा दिया है।

मिडल ईस्ट के ताजा हालात और जरूरी जानकारियां

युद्धविराम की खबरों और तनाव के बीच प्रवासियों को इन मुख्य बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • सीज़फायर की स्थिति: अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन 8 अप्रैल 2026 को ही इसके टूटने और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आईं।
  • भारत की एडवाइजरी: भारत सरकार ने 8 अप्रैल को ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से निकलने की सलाह जारी की है।
  • यूएई लेबर लॉ: यूएई का श्रम कानून निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करता है, जिसमें सैलरी और छुट्टियों के नियम तय हैं।
  • आर्थिक प्रभाव: भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, जिससे गैर-तेल विकास के अनुमानों में कमी आई है।

शारजाह में रहने वाले मोहम्मद विस्साम और फैसल रहमान जैसे कई प्रवासियों ने बताया कि यात्रा में रुकावट आने से उनकी नौकरी पर असर पड़ा है। यूएई सरकार और अन्य सहयोगी देश फिलहाल समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने और तनाव कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी कंपनी के संपर्क में रहें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.