UAE से एक बड़ी खबर आ रही है जहां बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर निकाला गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 15,000 लोगों को अचानक यूएई छोड़ने का आदेश मिला है. इस कार्रवाई के बाद एयरपोर्ट पर काफी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया और प्रवासियों के बीच डर बैठ गया है.

UAE में पाकिस्तानियों को कैसे निकाला गया और क्या हुआ

शुरुआती खबरों में एतिहाद एयरवेज के 15 कर्मचारियों को निकालने की बात आई थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 15,000 तक बताई गई. चौंकाने वाली बात यह रही कि कर्मचारियों को उनके HR विभाग के बजाय सीधे इमिग्रेशन ऑफिस बुलाया गया. उन्हें आदेश दिया गया कि वे 48 घंटे के भीतर यूएई छोड़ दें. इस पूरी प्रक्रिया में आम तौर पर अपनाई जाने वाली कंपनी की प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.

निष्कासन के पीछे की वजह और राजनीतिक तनाव

इस बड़ी कार्रवाई को यूएई और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते राजनीतिक संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान द्वारा तुर्की और सऊदी अरब के साथ रिश्ते मजबूत करने और यूएई के इजरायल की तरफ झुकाव के कारण यह तनाव बढ़ा है. इसके अलावा यूएई ने पाकिस्तान से अपने 3 अरब डॉलर से अधिक के ऋण की वापसी की मांग भी की है.

संपत्ति और बचत पर क्या असर पड़ा

5 मई 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, निकाले गए पाकिस्तानियों की बचत पर रोक लगा दी गई है. कुछ अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि हजारों पाकिस्तानी शियाओं को निकाला गया और उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई. कई लोगों को लगभग खाली हाथ ही अपने देश वापस भेज दिया गया, जिससे प्रवासी समुदाय में गहरी चिंता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई से कितने पाकिस्तानियों को निकाला गया है

विभिन्न रिपोर्टों में संख्या अलग-अलग है, लेकिन हालिया खबरों के अनुसार लगभग 15,000 पाकिस्तानी नागरिकों को यूएई से बाहर निकाला गया है.

क्या निष्कासित लोगों की संपत्ति जब्त की गई है

हाँ, कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि कई पाकिस्तानियों की बचत पर रोक लगा दी गई और उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई है, जिससे उन्हें खाली हाथ वापस जाना पड़ा.