संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने शुक्रवार को बांग्लादेश में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुई तबाही पर गहरा दुख जताया है। UAE के विदेश मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने बांग्लादेश के कई इलाकों में आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बाढ़ से भारी नुकसान और राहत कार्य
पिछले एक हफ्ते में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 44 से 51 लोगों की जान जा चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 10 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं और कम से कम सात जिलों में 2,67,918 परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। Cox’s Bazar में रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में भूस्खलन से 16 लोगों की मौत हुई है। अब तक 44,457 लोगों ने 1,100 से अधिक अस्थायी राहत शिविरों में शरण ली है। बिजली गुल होने, सड़कों के टूटने और संचार नेटवर्क के ठप होने की वजह से राहत कार्यों में भारी रुकावटें आ रही हैं।
सरकार का बचाव कार्य और मदद
बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन और राहत मंत्री Iqbal Hossain ने बताया कि सरकार लोगों की सुरक्षा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र (FFWC) ने चेतावनी दी है कि प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और आने वाले दिनों में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में स्थिति और बिगड़ सकती है। Border Guard Bangladesh (BGB) ने 11 प्रभावित जिलों में अपनी टीम तैनात की है और अब तक 600 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिनमें 116 पर्यटक भी शामिल हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए 145 मिलियन टका (1.2 मिलियन डॉलर) और 2,650 मीट्रिक टन चावल आवंटित किए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण एशिया में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाएं पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं।
