यूएई सरकार ने भारत में हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई तबाही पर गहरा दुख जताया है। UAE Ministry of Foreign Affairs (MoFA) ने 21 जुलाई 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में भारत सरकार और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। यूएई ने इस कठिन समय में भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
भारत के कई राज्यों में बारिश से तबाही
भारत के उत्तरी और पूर्वोत्तर हिस्सों में 18 और 19 जुलाई 2026 के सप्ताहांत में हुई मूसलाधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों और सुरक्षा उपायों का विवरण
विभिन्न राज्यों में हुए नुकसान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- जम्मू और कश्मीर: पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई, जबकि जम्मू में 20 जुलाई को चार अन्य मौतों के साथ दो दिनों का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया।
- नागालैंड: राज्य में भूस्खलन की घटनाओं में 9 लोगों की जान गई।
- असम: बाढ़ के कारण 7 जिलों में 57,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए और एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली।
- तीर्थयात्रा पर असर: सुरक्षा कारणों से अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जुलाई 2026 तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
