UAE सरकार का बड़ा फैसला, छोटे कारोबारियों के लिए टैक्स छूट का ऐलान, अब 2029 तक मिलेगी राहत.

Aanya9 August 20262 min read69 viewsUAE
UAE सरकार का बड़ा फैसला, छोटे कारोबारियों के लिए टैक्स छूट का ऐलान, अब 2029 तक मिलेगी राहत.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की सरकार ने छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स को बड़ी राहत देते हुए अपने कॉर्पोरेट टैक्स छूट कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया है। इस योजना को आधिकारिक तौर पर Small Business Relief फ्रेमवर्क के नाम से जाना जाता है, जिसे अब तीन साल और बढ़ा दिया गया है। पहले यह नियम साल 2026 के आखिर में खत्म होने वाला था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2029 तक कर दिया गया है। इस बात की जानकारी UAE Ministry of Finance ने 7 अगस्त 2026 को मिनिस्टीरियल डिसीजन नंबर 131 के तहत दी है, जो 1 जून 2023 या उसके बाद शुरू होने वाले टैक्स पीरियड्स पर लागू होता है।

छोटे व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

इस योजना के तहत छोटे व्यापारियों के लिए सालाना कमाई की सीमा 3 million AED यानी लगभग 817,000 USD तय की गई है। जिन छोटे कारोबारियों और दुकानदारों की कमाई इस सीमा के अंदर है, वे इस नियम का फायदा उठा सकते हैं। ऐसे लोगों को टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया में बड़ी आसानी मिलती है और उनकी कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता है, यानी उन्हें 0% corporate tax rate का फायदा मिलता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि कारोबारी अपने हर टैक्स रिटर्न में इस राहत के लिए खुद आवेदन करें।

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किन लोगों को नहीं मिलेगा इस योजना का फायदा

यह छूट हर किसी के लिए नहीं है। Qualifying Free Zone Persons और बड़ी कंपनियों यानी Multinational Enterprise Groups के सदस्यों को इस नियम का फायदा नहीं मिलेगा। सरकार ने गलत तरीके से कंपनियों को अलग-अलग करके टैक्स बचाने की कोशिशों को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए हैं ताकि कोई इसका गलत फायदा न उठा सके। UAE में काम करने वाले बहुत से छोटे कारोबारी और भारतीय मूल के दुकानदार जो वहां अपना छोटा-मोोटा बिजनेस चलाते हैं, उनके लिए यह एक बहुत ही अच्छी खबर है।

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि इस कदम का मकसद छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को लगातार समर्थन देना है। वहां के बिजनेस माहौल को बेहतर बनाना है ताकि लोग बिना किसी टेंशन के अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकें। UAE के कुल गैर-तेल सकल घरेलू उत्पाद यानी non-oil GDP में छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स का योगदान 60% से ज्यादा है। इसके अलावा देश के कुल सक्रिय व्यवसायों में करीब 94% हिस्सेदारी इन्हीं छोटे कारोबारियों की है। सरकार के इस फैसले से वहां के बाजार में लंबे समय तक स्थिरता बनी रहेगी और छोटे कारोबारियों को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिलेगा।

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