UAE में पारिवारिक कानून का बड़ा फैसला, अबू धाबी कोर्ट ने तलाक के बाद बच्चों के खर्च को लेकर दिया नया आदेश.

Aanya11 August 20262 min read48 viewsUAE
UAE में पारिवारिक कानून का बड़ा फैसला, अबू धाबी कोर्ट ने तलाक के बाद बच्चों के खर्च को लेकर दिया नया आदेश.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में पारिवारिक मामलों को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। अबू धाबी की अदालत ने तलाकशुदा माता-पिता के लिए बच्चों के पालन-पोषण का खर्च बराबर-बराबर उठाने का आदेश दिया है। इस फैसले में विदेशी कानूनों के सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया है। यह नया आदेश सरकार की तरफ से परिवार की बेहतरी के लिए उठाए जा रहे कदमों और कानून में किए जा रहे आधुनिकीकरण का एक हिस्सा है। इस तरह के फैसलों से वहां रहने वाले प्रवासी लोगों को भी बहुत बड़ी राहत मिल रही है जो अपने देश के कानूनों के हिसाब से फैसले चाहते हैं।

विदेशी कानूनों को चुनने की मिलती है छूट

UAE की नई कानूनी व्यवस्था के तहत गैर-मुस्लिम प्रवासियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे पारिवारिक विवादों, जैसे बच्चों की कस्टडी और उनके खर्च के मामलों में अपने गृह देश यानी होम कंट्री के कानूनों को चुन सकते हैं। इस प्रक्रिया में मदद करने वाले मुख्य कानूनों में फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 41 वर्ष 2022 शामिल है जो पूरे UAE में गैर-मुस्लिमों पर लागू होता है। इसके अलावा अबू धाबी लॉ नंबर 14 वर्ष 2021 के तहत इस अमीरता में गैर-मुस्लिम परिवारों के मामलों को देखा जाता है। इन सभी मामलों की सुनवाई साल 2021 में बनाई गई अबू धाबी सिविल फैमिली कोर्ट द्वारा की जाती है, जहां पति-पत्नी दोनों को बराबर का हक दिया जाता है और बच्चों की जिम्मेदारी भी दोनों की बराबर बनती है।

बच्चों की भलाई को दी जाती है पहली प्राथमिकता

अदालत के इस फैसले से यह साफ हो जाता है कि अब पारिवारिक कानूनों में बच्चों के हितों को सबसे ऊपर रखा जा रहा है ताकि माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी बराबर बनी रहे। इस दिशा में पिछले कुछ समय में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, अप्रैल 2025 में UAE की कोर्ट ऑफ कैसेशन ने माता-पिता दोनों को बच्चों के साथ समय बिताने के लिए लचीले शेड्यूल की अनुमति दी थी। इसके अलावा जून 2026 में अबू धाबी सिविल फैमिली कोर्ट ने तलाकशुदा माता-पिता के सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें डालने पर रोक लगा दी थी। इन सभी नियमों का मकसद सिर्फ यह है कि बच्चों की देखभाल और उनकी सुरक्षा अच्छे से हो सके और माता-पिता दोनों अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से निभाएं।

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