यूएई काउंसिल फॉर फतवा (UAE Fatwa Council) ने ईद अल-अधा के लिए क़ुर्बानी के जानवरों से जुड़े जरूरी और विस्तृत नियम जारी कर दिए हैं. इन नियमों में साफ़ तौर पर बताया गया है कि क़ुर्बानी के लिए कौन से जानवर मान्य होंगे और कौन से अमान्य. इसके साथ ही स्वास्थ्य और रोकथाम मंत्रालय (MoHAP) ने भी लोगों की सुरक्षा के लिए 12 अहम गाइडलाइंस जारी की हैं जिससे त्योहार के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन हो सके.
क़ुर्बानी के लिए जानवरों की उम्र और सेहत के नियम
इस्लामी कानून के तहत भेड़, बकरी, गाय, भैंस और ऊंट जैसे जानवरों की ही क़ुर्बानी दी जा सकती है. हालांकि इनके लिए कुछ सख्त नियम तय किए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी है:
- स्वास्थ्य की स्थिति: क़ुर्बानी के लिए चुने गए जानवर में कोई स्पष्ट दोष नहीं होना चाहिए. लंगड़े, बीमार, एक आंख से अंधे या अत्यधिक कमजोर जानवर क़ुर्बानी के लिए मान्य नहीं होंगे.
- भेड़ की उम्र: आमतौर पर भेड़ की उम्र कम से कम एक वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए. कुछ विशेष परिस्थितियों में छह महीने की भेड़ भी मान्य हो सकती है बशर्ते वह देखने में एक साल जैसी बड़ी लगे.
- बकरी की उम्र: बकरी ने अपना एक वर्ष पूरा कर लिया हो और वह दूसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी हो.
- मवेशी (गाय/भैंस): इनकी उम्र कम से कम तीन वर्ष पूरी होनी चाहिए और वे चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके हों.
- ऊंट की उम्र: ऊंट की उम्र कम से कम पांच वर्ष पूरी होनी चाहिए.
घर पर क़ुर्बानी देने पर रोक और स्वास्थ्य गाइडलाइंस
मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि घरों या निजी परिसरों में जानवरों की क़ुर्बानी देने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. लोगों को केवल मान्यता प्राप्त और लाइसेंस वाले बूचड़खानों से ही सेवाएं लेनी होंगी. इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
- क़ुर्बानी के समय सुरक्षात्मक उपकरण जैसे दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक चश्मा जरूर पहनें.
- वध के बाद मांस काटने के लिए अलग-अलग कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें और सभी औजारों को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं.
- जानवरों के कचरे को सुरक्षित सीलबंद बैग में ही डालें.
- यदि कच्चा मांस संभालने के दो सप्ताह के भीतर बुखार, मांसपेशियों में दर्द या दस्त जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
ऑनलाइन बुकिंग और सरकारी रेट की जानकारी
यूएई के इस्लामिक मामलों और धर्मार्थ गतिविधियों विभाग (IACAD) ने साल 2026 के लिए आधिकारिक क़ुर्बानी की दरें तय कर दी हैं. इस बार यह दरें Dh350 से Dh800 तक निर्धारित की गई हैं. प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए नगर पालिका के आधिकारिक प्लेटफॉर्म, रजिस्टर्ड चैरिटी और सरकार द्वारा मंजूर मोबाइल ऐप्स के जरिए भी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है जिससे लोग बिना भीड़भाड़ के अपनी धार्मिक जिम्मेदारी पूरी कर सकें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में साल 2026 के लिए क़ुर्बानी का सरकारी रेट क्या है?
यूएई के इस्लामिक मामलों और धर्मार्थ गतिविधियों विभाग (IACAD) के अनुसार साल 2026 के लिए आधिकारिक क़ुर्बानी की दरें Dh350 से Dh800 के बीच तय की गई हैं.
क्या यूएई में अपने घर पर जानवर की क़ुर्बानी दी जा सकती है?
नहीं, यूएई में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए घरों या निजी परिसरों में क़ुर्बानी देने पर सख्त प्रतिबंध है. क़ुर्बानी केवल सरकार द्वारा अधिकृत बूचड़खानों में ही की जा सकती है.
क़ुर्बानी के लिए किस उम्र के जानवरों को मान्य माना गया है?
नियमों के अनुसार भेड़ कम से कम एक वर्ष (विशेष दशा में 6 महीने), बकरी एक वर्ष से अधिक, गाय या भैंस कम से कम तीन वर्ष और ऊंट कम से कम पांच वर्ष का होना जरूरी है.