UAE की Federal National Council (FNC) ने अरबी भाषा और राष्ट्रीय पहचान को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार अब अरबी भाषा के लिए एक नया कानून और एक नेशनल काउंसिल बनाने की तैयारी में है. इसका मुख्य मकसद नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और हर क्षेत्र में अरबी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है.

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नए कानून में क्या-क्या बदलाव होंगे?

प्रस्तावित कानून के तहत शिक्षा, मीडिया, सरकारी सेवाओं और व्यापार में अरबी भाषा के इस्तेमाल को बढ़ाया जाएगा. विज्ञापनों, पब्लिक कैंपेन और आधिकारिक कार्यक्रमों में अरबी भाषा को अनिवार्य किया जा सकता है. इसके अलावा, उच्च शिक्षा संस्थानों में वैज्ञानिक विषयों की पढ़ाई के दौरान भी अरबी भाषा के लिए कुछ न्यूनतम शर्तें तय की जाएंगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में अरबी के उपयोग के लिए एक कानूनी ढांचा हो.

यह कानून कब तक लागू होगा और इसका लक्ष्य क्या है?

संस्कृति मंत्रालय द्वारा पेश किए गए रोडमैप के अनुसार, 2026 और 2027 के बीच एक व्यापक अरबी भाषा कानून लाया जाएगा. इस योजना को अप्रैल 30 से मई 4, 2026 के आसपास FNC के सामने रखा गया था. काउंसिल के स्पीकर Saker Gobash ने चिंता जताई कि नई पीढ़ी अरबी को सिर्फ ऊपर-ऊपर से जानती है और अपनी पहचान से उनका जुड़ाव कम हो रहा है. सरकार ने अरबी की सुरक्षा को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया है ताकि सांस्कृतिक निरंतरता बनी रहे.

अरबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए अन्य पहल

  • अरबी भाषा के इस्तेमाल को ट्रैक करने के लिए नेशनल इंडिकेटर्स बनाए जाएंगे.
  • राष्ट्रीय पहचान रणनीति (National Identity Strategy) की शुरुआत की जाएगी.
  • बच्चों और परिवारों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और नेशनल रीडिंग रोडमैप तैयार किया गया है.
  • सांस्कृतिक केंद्रों का स्तर बढ़ाया जाएगा और विरासत के दस्तावेजीकरण पर काम होगा.
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अरबी सुलेख (Calligraphy) को UNESCO के साथ पंजीकृत करने के प्रयास किए गए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में अरबी भाषा का नया कानून कब तक आएगा?

संस्कृति मंत्रालय और FNC की योजना के अनुसार, 2026 और 2027 के बीच एक व्यापक अरबी भाषा कानून पेश किया जाना है.

यह कानून किन क्षेत्रों पर असर डालेगा?

यह कानून शिक्षा, मीडिया, सरकारी सेवाओं, व्यापार, परिवार और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अरबी भाषा के उपयोग को मजबूत करेगा और इसे अनिवार्य बना सकता है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.