UAE सरकार ने वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज कर दिया है। इसके लिए देश भर में नए नियम और आधुनिक टूल्स लागू किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद काले धन के लेन-देन को रोकना और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित बनाना है। यह कदम वैश्विक स्तर पर UAE की छवि को और मजबूत करेंगे।
UAE के नए नियम क्या हैं और इनका असर क्या होगा?
नेशनल कमेटी फॉर एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (NAMLCFTC) की 28 और 29 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने एक नया ‘नेशनल गाइड’ जारी किया है, जिससे अब वित्तीय जांच और संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया आसान और सख्त हो जाएगी। अब इस जांच के दायरे में Virtual Assets यानी डिजिटल संपत्तियों को भी शामिल कर लिया गया है। सेंट्रल बैंक ऑफ UAE के गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा ने बताया कि ये बदलाव सिस्टम को और आधुनिक बनाएंगे जिससे नए तरह के वित्तीय जोखिमों से निपटा जा सके।
किन संस्थाओं पर रहेगी सरकार की पैनी नज़र?
सरकार ने कुछ खास सेक्टरों के लिए नए रिस्क असेसमेंट यानी जोखिम मूल्यांकन नियम लागू किए हैं। अब वित्तीय संस्थानों, वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स और नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं की गतिविधियों पर पहले से ज़्यादा बारीकी से नज़र रखी जाएगी। इसके अलावा, उन व्यवसायों की भी जांच होगी जो वित्तीय सेवाओं से जुड़े हैं लेकिन बैंक नहीं हैं। इन सभी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के भीतर किसी भी तरह की गैर-कानूनी पैसों की आवाजाही न हो।
| तारीख / नियम | मुख्य विवरण |
|---|---|
| 28 अप्रैल 2026 | NAMLCFTC की बैठक में नए दिशा-निर्देशों को मंजूरी मिली |
| नेशनल गाइड | मनी लॉन्ड्रिंग जांच और वर्चुअल एसेट्स की ट्रैकिंग शुरू |
| रिस्क असेसमेंट | बैंकों, डिजिटल एसेट कंपनियों और NGO की जांच का नियम |
| कानून No. 10 (अक्टूबर 2025) | मैनेजर्स की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई |
| रेसोल्यूशन 134 (दिसंबर 2025) | कानून No. 10 को लागू करने के नियम बनाए गए |
| फरवरी 2024 | UAE को FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर किया गया |
| अगस्त 2025 | EU की हाई-रिस्क देशों की लिस्ट से UAE बाहर हुआ |
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE के नए फाइनेंशियल गाइड में क्या खास है?
इस गाइड में अब वर्चुअल एसेट्स (डिजिटल संपत्ति) की जांच और संपत्ति को जब्त करने के नए तरीके शामिल किए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों को ज्यादा ताकत मिलेगी।
इन नए नियमों का मकसद क्या है?
इनका मुख्य मकसद मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग को रोकना है ताकि UAE की अर्थव्यवस्था सुरक्षित रहे और दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा बढ़े।