UAE ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यहां दुनिया का पहला क्लिनिकल AI वैज्ञानिक लाया गया है जो डॉक्टरों को बेहतर और तेज़ फैसले लेने में मदद करेगा. इस नई तकनीक से मरीजों की जांच और इलाज की प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी.

UAE कैबिनेट ने 8 जून 2026 को स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति अपनाई है. इसका मकसद रोकथाम, इलाज और पुनर्वास के सभी चरणों में एक आधुनिक मेडिकल सिस्टम तैयार करना है. सरकार जल्द ही इसके लिए एक कानूनी ढांचा भी लाएगी ताकि मरीजों के अधिकारों और डेटा की सुरक्षा बनी रहे.

इस दिशा में Mohamed bin Zayed University of Artificial Intelligence (MBZUAI) अहम भूमिका निभा रही है. यहां के रिसर्च साइंटिस्ट Dr. Numan Saeed अस्पतालों के साथ मिलकर ऐसे AI टूल्स बना रहे हैं जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान इमेजिंग के ज़रिए सटीक तरीके से कर सकें. इसमें Sheikh Shakhbout Medical City और Cleveland Clinic Abu Dhabi जैसे बड़े अस्पताल साथ काम कर रहे हैं.

AI के ज़रिए होने वाले बड़े बदलाव

  • MAGNET-AD: यह सिस्टम लक्षणों के आने से 20 साल पहले ही अल्जाइमर की भविष्यवाणी कर सकता है.
  • ClinGRAD: यह दिमाग के MRI और अन्य डेटा का विश्लेषण कर डिमेंशिया के प्रकारों की पहचान 98.75% सटीकता के साथ करता है.
  • FetalCLIP: यह AI मॉडल अल्ट्रासाउंड इमेज के ज़रिए गर्भस्थ शिशु के दिल की बीमारियों का तेज़ी से पता लगाता है.
  • AI Arabic Doctor: यह सिस्टम अरबी भाषा में शुरुआती मेडिकल गाइडेंस देगा ताकि भाषा की वजह से इलाज में कोई रुकावट न आए.

इसके अलावा NYU Abu Dhabi में एक Clinical Artificial Intelligence (CAI) Lab भी है जिसे Dr. Farah Shamout संभाल रही हैं. वहीं Emirates Drug Establishment (EDE) ने दवाइयों की खोज को तेज़ करने के लिए InSilico Medicine प्रोजेक्ट की शुरुआत की है. अबू धाबी के Department of Health और दुबई हेल्थ अथॉरिटी (DHA) ने पहले से ही AI के इस्तेमाल के लिए सुरक्षा और गोपनीयता के नियम बना रखे हैं.