UAE ने समुद्री कारोबार को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। AD Ports Group ने 15 मई 2026 को देश के पहले शिपबिल्डर्स कंसोर्टियम (Shipbuilders Consortium) के गठन का ऐलान किया। इसका मकसद जहाजों को बनाने और उनकी मरम्मत करने के काम को एक साथ लाना है ताकि UAE इस क्षेत्र में दुनिया में अपनी पहचान बना सके।
क्या है यह नया शिपबिल्डर्स कंसोर्टियम और इसका क्या फायदा होगा?
यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहाँ जहाज बनाने, उनकी मरम्मत करने, फैब्रिकेशन और मरीन इंजीनियरिंग से जुड़ी सभी कंपनियां एक साथ काम करेंगी। इससे नए आइडियाज आएंगे और काम करने का तरीका बेहतर होगा। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे शिपयार्ड्स को बड़े और मुश्किल प्रोजेक्ट्स में शामिल करना है, जिससे स्थानीय कंपनियों को फायदा होगा।
इस पहल से सामान खरीदने की प्रक्रिया आसान होगी और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। Noatum Maritime इस ग्रुप की कमान संभालेगी और इसके चलाने के नियम और कमर्शियल ढांचा तैयार करेगी।
कौन-कौन सी कंपनियां हैं इस बड़े ग्रुप का हिस्सा?
इस बड़े गठबंधन में UAE की कई दिग्गज कंपनियां शामिल हुई हैं। इन कंपनियों की लिस्ट नीचे दी गई है:
- AD Ports Group
- SAFEEN Drydocks
- Premier Marine Engineering Services
- Dubai Shipbuilding & Engineering (DSBE)
- Al Seer Marine
- Dutch Oriental
- JOME Engineering
- Saifee
- Blue Gulf Ship Builders
- MBK Marine Industries
AD Ports Group के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ कैप्टन मोहम्मद जुमा अल शमिशी ने बताया कि यह कदम UAE के औद्योगिक विकास और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जब सेक्टर की सभी कंपनियां मिलकर काम करेंगी, तो UAE वैश्विक समुद्री व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा मजबूत होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिपबिल्डर्स कंसोर्टियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य UAE की जहाज बनाने की क्षमताओं को एक साथ लाना, समुद्री क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देना और छोटे शिपयार्ड्स को बड़े प्रोजेक्ट्स में मौका देना है।
इस कंसोर्टियम का नेतृत्व कौन सी कंपनी करेगी?
AD Ports Group की सहायक कंपनी Noatum Maritime इस कंसोर्टियम का नेतृत्व करेगी और इसके गवर्नेंस और कमर्शियल ढांचे को मैनेज करेगी।
