संयुक्त अरब अमीरात में पिछले कुछ दिनों से उड़ानों में आई रुकावट के कारण करीब 20,000 यात्री अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। इस संकट के समय में दुबई और अन्य अमीरात के लोग मदद के लिए आगे आए हैं। कई स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने अपने घरों और फार्महाउस के दरवाजे यात्रियों के लिए खोल दिए हैं। जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी ने घोषणा की है कि फंसे हुए लोगों के रुकने का पूरा खर्च सरकारी स्तर पर उठाया जाएगा।

यात्रियों के लिए क्या हैं नए नियम और सरकारी निर्देश?

सरकार ने फंसे हुए यात्रियों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। दुबई और अबू धाबी के पर्यटन विभागों ने सभी होटलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी यात्री को कमरे से बाहर न निकालें। होटलों को पुरानी दरों पर ही कमरा देने के लिए कहा गया है। जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के रहने और अन्य जरूरी सेवाओं का खर्चा राज्य वहन कर रहा है। एयरलाइंस कंपनियों जैसे Emirates और Etihad ने यात्रियों को मुफ्त रीबुकिंग और रिफंड की सुविधा देना शुरू कर दिया है।

स्थानीय लोगों और निजी संस्थाओं ने कैसे की मदद?

यूएई में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों ने इस मुश्किल घड़ी में अपनी दरियादिली दिखाई है। अजमान में रहने वाले व्यवसायी धीरज जैन ने अपने निजी फार्महाउस में 200 यात्रियों के रहने और खाने का इंतजाम किया है। इसके अलावा कई बड़ी कंपनियां और होटल भी मुफ्त सेवाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोग एक-दूसरे को घर का बना खाना, कंबल और दवाइयां पहुंचा रहे हैं।

संस्था या व्यक्ति का नाम मदद का प्रकार
Dhiraj Jain (1XL Holdings) अजमान फार्महाउस में 200 लोगों का निवास
Danube Properties मुफ्त अस्थाई निवास की सुविधा
AraBnB खाली संपत्तियों में परिवारों के लिए आश्रय
Palazzo Versace Dubai मुफ्त रात का ठहराव और भोजन

उड़ानों की वर्तमान स्थिति और टिकट के दाम

दुबई इंटरनेशनल (DXB) और जायद इंटरनेशनल (AUH) एयरपोर्ट पर 3 और 4 मार्च से सीमित संख्या में उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं। हालांकि पुरानी पेंडिंग फ्लाइट्स की वजह से एयरपोर्ट पर अभी भी काफी दबाव है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे तभी एयरपोर्ट जाएं जब उनकी उड़ान की पुष्टि हो जाए। नए टिकटों की मांग बढ़ने से कुछ रूटों पर किराया 1,000 से 1,600 दिरहम तक पहुंच गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.