UAE Flight Update: ईरान तनाव से हवाई टिकट हुए महंगे, भारत-दुबई रूट पर 80% तक बढ़ी कीमतें, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
ईरान और क्षेत्रीय तनाव की वजह से यूएई में रहने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आसमान के कई रास्ते बंद होने और ईंधन महंगा होने से हवाई टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका सीधा असर उन भारतीयों पर पड़ रहा है जो अक्सर घर आते-जाते हैं या यूएई में काम कर रहे हैं। लोग अब कैश के बजाय एयर माइल्स और लॉयल्टी पॉइंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि टिकट कैंसल करने पर कम नुकसान हो।
हवाई किराए और उड़ानों पर क्या असर पड़ा है
क्षेत्र में सैन्य तनाव और जेट ईंधन की कीमतें दोगुनी होने से एयरलाइंस ने किराए बढ़ा दिए हैं। अमीरात, एतिहाद, फ्लाईदुबई और एयर अरेबिया जैसी कंपनियां अब खास गलियारों के जरिए उड़ानें भर रही हैं, जिससे विमानों की क्षमता कम हो गई है। सफर का समय बढ़ गया है और डायरेक्ट फ्लाइट्स मिलना मुश्किल हो गया है।
| रूट/सेवा | किराये में बढ़ोतरी | स्थिति |
|---|---|---|
| भारत से दुबई | 60% से 80% | भारी वृद्धि |
| यूरोप रूट | 40% से अधिक | महंगा सफर |
| सामान्य किराया | लगभग 30% | औसत बढ़ोत्तरी |
| जेट ईंधन | लगभग 2 गुना | लागत में वृद्धि |
एयरस्पेस की स्थिति और सरकार की मदद
मध्य पूर्व का हवाई रास्ता काफी हद तक प्रभावित है। कुवैत का FIR पूरी तरह बंद है और इराक का हवाई क्षेत्र भी उपयोग करने लायक नहीं रहा। यूएई फिलहाल सख्त कॉरिडोर सिस्टम का पालन कर रहा है। इस बीच, यूएई सरकार ने उन 20,200 यात्रियों के होटल और खाने का पूरा खर्च उठाया है जिनकी उड़ानें रद्द या स्थगित हो गई थीं।
भारतीय यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई का दौरा किया और भारतीय समुदाय की भलाई पर चर्चा की। भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी है। फंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के लिए भारतीय एयरलाइंस ने विशेष उड़ानें भी चलाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब इस तरह की अस्थिरता एक नया सामान्य बन गई है जिससे यात्रियों को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।