UAE Floating Hospital: अल अरिश में यूएई के तैरते अस्पताल में 25 नए इंडोनेशियन डॉक्टरों की हुई एंट्री.

यूएई (UAE) के अल अरिश बंदरगाह पर खड़े फ्लोटिंग अस्पताल में मानवीय सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए डॉक्टरों और नर्सों की एक नई टीम पहुंची है। इस नई टीम में कुल 25 इंडोनेशियन मेडिकल प्रोफेशनल शामिल हैं, जिन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी ड्यूटी संभाल ली है। गाजा पट्टी से आने वाले फिलिस्तीनी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है, जिसकी शुरुआत 17 अगस्त 2026 से की गई है। यह तैनाती ऑपरेशन चivalrous नाइट 3 के तहत स्टाफ के रूटीन बदलाव का हिस्सा है।
ऑपरेशन चिव वाल्रस नाइट 3 के तहत हो रहा है काम
अल अरिश में तैनात यूएई फ्लोटिंग अस्पताल में यह नई मेडिकल टीम अलग-अलग स्पेशियलिटी के डॉक्टर और नर्सों को लेकर आई है। यह सभी लोग अब अस्पताल में पहले से मौजूद अमीराती मेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यहाँ आने वाले मरीजों की देखभाल के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं, जिसमें गंभीर सर्जिकल प्रक्रियाएं यानी ऑपरेशन और इलाज के बाद की जाने वाली थेरेपी भी शामिल है। इस बारे में WAM की रिपोर्ट में पूरी जानकारी दी गई है।
यूएई और इंडोनेशिया के बीच गहरे होते मानवीय रिश्ते
यूएई फ्लोटिंग अस्पताल के निदेशक मोहम्मद सईद अल शेहही ने इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच यह सहयोग संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक रिश्तों को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम फिलिस्तीनी लोगों की जरूरी मेडिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए दोनों देशों की अटूट मानवीय प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दिखाता है। इस अस्पताल के जरिए घायल और बीमार लोगों को तुरंत इलाज मुहैया कराया जा रहा है, जिससे गाजा के लोगों को काफी राहत मिल रही है।