UAE Floating Hospital: मिस्र के अल अरिश में यूएई के तैरते अस्पताल ने गाजा के 21 और लोगों को लगाए कृत्रिम अंग

संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से मानवीय सहायता का एक और बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत मिस्र के अल अरिश बंदरगाह पर खड़े UAE Floating Hospital ने गाजा संघर्ष में घायल हुए 21 और फिलिस्तीनी नागरिकों को कृत्रिम अंग यानी प्रोस्थेटिक लिम्ब्स सफलतापर्वक फिट किए हैं। इस बेहतरीन राहत कार्य के साथ ही इस अस्पताल में अब तक कुल 72 जरूरतमंदों को यह जरूरी सहायता मिल चुकी है, जिससे उनके जीवन में एक नई उम्मीद जगी है।
स्टेप ऑफ होप कार्यक्रम के तहत मिल रही है मदद
यह पूरी स्वास्थ्य सेवा "Step of Hope" कार्यक्रम के अंतर्गत दी जा रही है, जो कि व्यापक मानवीय पहल "Operation Chivalrous Knight 3" का ही एक मुख्य हिस्सा है। इस प्रोग्राम की शुरुआत June 2026 में हुई थी, जबकि यूएई के मानवीय राहत अभियान फरवरी 2024 से ही लगातार जारी हैं। इन सभी मेडिकल कैंप और राहत कार्यों में यूएई की कई बड़ी संस्थाएं जैसे शारजाह चैरिटी एसोसिएशन, द बिग हार्ट फाउंडेशन और दार अल बेर सोसाइटी मिलकर पूरा सहयोग कर रही हैं।
अस्पताल में मरीजों को मिलती है पूरी चिकित्सा सुविधा
अल अरिश में बने इस तैरते अस्पताल की मेडिकल टीमें दिन-रात यानी 24 hours मरीजों की देखभाल में जुटी रहती हैं। अस्पताल पहुंचने वाले सभी घायलों की सबसे पहले डॉक्टरों द्वारा पूरी मेडिकल और टेक्निकल जांच की जाती है, जिसके बाद उनकी जरूरत के हिसाब से कृत्रिम अंगों का निर्माण किया जाता है। अंगों को फिट करने के बाद मरीजों को नियमित फिजियोथैरेपी भी दी जाती है ताकि वे दोबारा आसानी से चल-फिर सकें और अपने रोजमर्रा के कामों को खुद कर सकें।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह अस्पताल पूरी तरह से तैयार है और आने वाले दिनों में और भी अधिक जरूरतमंद और विस्थापित मरीजों की सहायता लगातार जारी रखेगा। इस तरह की स्वास्थ्य सेवाओं से संघर्ष में घायल हुए लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने और दोबारा एक सामान्य जीवन जीने का बड़ा अवसर मिल रहा है।