UAE में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने अब जबरदस्ती काम कराने वाले मालिकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई कंपनी या मालिक अपने कर्मचारी से जबरन काम कराता है, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। यह नियम खासतौर पर उन भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए राहत भरा है जो यहाँ नौकरी करते हैं।

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कानून क्या कहता है और कितनी मिलेगी सजा?

UAE के फेडरल कानून संख्या 24 के तहत जबरन श्रम और मानव तस्करी को गंभीर अपराध माना गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने वाले मालिक को कम से कम 1 मिलियन AED का जुर्माना भरना होगा और न्यूनतम 5 साल की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा, लेबर लॉ (Decree-Law 33) के तहत मालिकों को कर्मचारियों के पासपोर्ट या अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रखने की इजाजत नहीं है।

मदद के लिए कहाँ संपर्क करें और क्या हैं अधिकार?

  • MoHRE: मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय श्रम शिकायतों की जांच और कानूनों को लागू करने का काम करता है।
  • टोल-फ्री नंबर: कोई भी श्रमिक अपनी शिकायत के लिए MoHRE के हेल्पलाइन नंबर 80084 पर कॉल कर सकता है।
  • आश्रय स्थल: Ewa’a और DFWAC जैसे केंद्र शोषण के शिकार लोगों को कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक मदद देते हैं।
  • घरेलू कामगार: फेडरल कानून संख्या 9 के तहत घर में काम करने वाले लोगों को भी वित्तीय शोषण और दुर्व्यवहार से सुरक्षा दी गई है।

MoHRE के नए अपडेट और सख्त कार्रवाई

मंत्रालय ने 5 अप्रैल 2026 को यह साफ किया है कि अगर कोई कंपनी कर्मचारी को काम नहीं देती लेकिन उसे रोक कर रखती है, तो कंपनी को पूरा वेतन देना होगा। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने 6,95,000 से ज्यादा निरीक्षण किए और करीब 2,600 गंभीर मामलों को सार्वजनिक अभियोजन के लिए भेजा। इनमें वेतन न देना और बिना परमिट के रोजगार देना जैसे अपराध शामिल थे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com