संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान को दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला का फोन आया। 5 जून 2026 को हुई इस फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र के ताजा हालातों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान यूएई के नागरिक ठिकानों पर हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के असर को लेकर विशेष रूप से बात की गई।
ईरान के हमलों से वैश्विक सुरक्षा और व्यापार पर क्या असर हुआ?
दोनों मंत्रियों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि नागरिक ठिकानों पर हुए इन हमलों का अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। यह हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गए हैं। इस बातचीत में बताया गया कि बिना किसी उकसावे के किए गए इन हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को काफी प्रभावित किया है और इससे निपटने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।
क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
शेख अब्दुल्ला बिन जायद और रोनाल्ड लामोला ने इस बातचीत में आपसी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने जोर दिया कि इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर देशों का एकजुट होना जरूरी है। बातचीत के अंत में दोनों देशों के बीच आगे भी इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद जारी रखने पर सहमति बनी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दक्षिण अफ्रीका और यूएई के मंत्रियों के बीच यह बातचीत कब हुई?
यह फोन कॉल बातचीत 5 जून 2026 को हुई, जिसमें दोनों मंत्रियों ने सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से बात की।
इस बातचीत के दौरान किन मुख्य चिंताओं को उठाया गया?
बातचीत में यूएई के नागरिक ठिकानों पर ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर इसके प्रभाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के नुकसान को लेकर चिंता जताई गई।
