यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने साफ कर दिया है कि देश किसी भी कीमत पर आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएगा। ईरान की तरफ से बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूएई ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा और किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं होगी।

हमलों से जुड़ी बड़ी जानकारियां और नुकसान का विवरण

यूएई की वायु रक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है और खतरों को नाकाम कर रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई घटनाओं के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 23 मार्च 2026 को यूएई ने ईरान द्वारा दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और 16 ड्रोनों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट किया।
  • इन हमलों में यूएई सशस्त्र बलों के 2 जवान शहीद हुए हैं।
  • पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के 6 विदेशी नागरिकों की भी इन हमलों में मौत हुई है।
  • अबू धाबी के अल शावामेख इलाके में मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक को मामूली चोट आई है।
  • अब तक कुल 352 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,789 ड्रोन रोके जा चुके हैं।

यूएई की सुरक्षा रणनीति और प्रवासियों की सुरक्षा पर अपडेट

डॉ. अनवर गर्गश ने बताया है कि यूएई की रणनीति केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं है। देश खाड़ी क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है जिसमें ईरान के परमाणु खतरे और ड्रोन हमलों पर अंकुश लगाना शामिल है। यूएई अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका के साथ साझेदारी को और मजबूत कर रहा है। भारत में यूएई के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने वहां रह रहे 40 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है। सऊदी अरब और कुवैत ने भी इसी तरह के हमलों को रोकने की जानकारी दी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.