UAE में भीषण गर्मी का असर, 8 हज़ार से ज़्यादा कामगारों को मिले मुफ्त हेल्थ चेकअप और ठंडी राहत.

Praggya Singh sabal13 August 20262 min read61 viewsExpat Issues
UAE में भीषण गर्मी का असर, 8 हज़ार से ज़्यादा कामगारों को मिले मुफ्त हेल्थ चेकअप और ठंडी राहत.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में इन दिनों तापमान बहुत ज़्यादा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कामगारों की सेहत का खास ख्याल रखना शुरू कर दिया है। देश में भीषण गर्मी के बीच अब तक 8,350 से अधिक मजदूरों और कामगारों को मुफ्त में हेल्थ स्क्रीनिंग यानी स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी गई है। यह कदम गर्मियों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए उठाया गया है, ताकि हमारे देश और दूसरे देशों से आए प्रवासी कामगार सुरक्षित रह सकें।

गर्मी से बचाव के लिए कड़े नियम और स्वास्थ्य जांच

UAE सरकार ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन सुरक्षा सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत हर साल की तरह इस बार भी Midday Work Ban लागू किया गया है, जिसके अनुसार दोपहर 12:30 बजे से लेकर 3:00 बजे तक सीधे धूप में बाहर काम करने पर पूरी पाबंदी है। यह नियम आगामी 15 सितंबर तक कड़ाई से लागू रहेगा। Ministry of Human Resources and Emiratisation (मानव संसाधन और अमीरीकरण मंत्रालय) इस नियम को लेकर बिल्कुल सख्त है और नियमों का पालन न करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। राहत की बात यह है कि इस नियम का पालन 99 प्रतिशत से ज्यादा लोग कर रहे हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

कामगारों के लिए एयरकंडीशनर रेस्ट एरिया और ठंडे पेय पदार्थ

स्वास्थ्य जांच के अलावा, सरकार और कई सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर कामगारों की भलाई के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पूरे देश में काम करने वालों के लिए 12,000 से ज्यादा एयर-कंडीशनर वाले विश्राम स्थल यानी रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। इसके अलावा, Emirates Red Crescent जैसी संस्थाएं मजदूरों के बीच लगातार ठंडे पानी और रिफ्रेशमेंट का वितरण कर रही हैं। वहीं, Abu Dhabi Police (अबू धाबी पुलिस) की तरफ से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को तेज धूप और गर्मी से होने वाली बीमारियों जैसे डिहाइड्रेशन और थकान से बचाया जा सके।

गर्मियों के इन महीनों में जब तापमान कई इलाकों में 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है, तो अस्पतालों और मेडिकल कैंपों में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। भारतीय प्रवासियों और अन्य देशों से नौकरी की तलाश में आए कामगारों के लिए यह सरकारी कदम बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। अधिकारियों का कहना है कि कामगारों की सुरक्षा और उनका स्वास्थ्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और इसके लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे ही विशेष अभियान चलाए जाते रहेंगे।

Share:

Comments

Leave a comment