UAE में अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब कंपनियों में शुरुआती यानी एंट्री-लेवल पदों की संख्या कम हो रही है, जिससे नए ग्रेजुएट्स को अपना करियर शुरू करने में काफी दिक्कत आ रही है। मार्केट में मुकाबला इतना बढ़ गया है कि सिर्फ डिग्री होना अब काफी नहीं रहा।
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डिग्री से ज़्यादा हुनर की मांग
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अब कंपनियां सिर्फ यूनिवर्सिटी की डिग्री देखकर नौकरी नहीं दे रही हैं। अब नियोक्ताओं की उम्मीदें बढ़ गई हैं और वे ऐसे उम्मीदवारों को तरजीह दे रहे हैं जिनके पास काम का वास्तविक अनुभव हो। अब एंट्री-लेवल नौकरी के लिए भी इंटर्नशिप, पोर्टफोलियो और डिजिटल स्किल्स होना ज़रूरी हो गया है।
AI और ऑटोमेशन का असर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से उन कामों में कमी आई है जो पहले जूनियर कर्मचारी किया करते थे। खासकर एडमिनिस्ट्रेशन और कोऑर्डिनेशन जैसे रोल अब ऑटोमेशन की वजह से कम हो रहे हैं। इससे नए लोगों के लिए मार्केट में घुसने का रास्ता कठिन हो गया है और अब उनसे पहले दिन से ही बेहतर प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स की उम्मीद की जाती है।
आर्थिक हालात और भर्ती में बदलाव
दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता और 2026 के मिडिल ईस्ट युद्ध जैसे तनावों की वजह से UAE की कंपनियां अब बहुत सोच-समझकर भर्ती कर रही हैं। रिटेल, लॉजिस्टिक्स और कॉर्पोरेट सर्विसेज जैसे सेक्टर में भर्ती की रफ्तार धीमी हुई है। कंपनियां अब उन्हीं लोगों को रख रही हैं जो तुरंत काम शुरू कर सकें और कंपनी को फायदा पहुंचा सकें।
इन सेक्टर में है ज़्यादा मौका
मार्केट अब जनरल नौकरियों के बजाय स्पेशलाइज्ड रोल की तरफ बढ़ रहा है। कुछ ऐसे सेक्टर हैं जहां अभी भी मौके मौजूद हैं:
- Information & Technology (IT)
- Finance & Insurance
- AI और डेटा साइंस
- Cybersecurity और एनालिटिक्स
इन क्षेत्रों में डिग्री से ज़्यादा तकनीकी सर्टिफिकेट और हाथों-हाथ अनुभव को अहमियत दी जा रही है।
नौकरी ढूंढने वालों की बड़ी चुनौती
ManpowerGroup की Q2 2026 रिपोर्ट कहती है कि UAE में कुल मिलाकर हायरिंग का माहौल अच्छा है, लेकिन यह केवल खास सेक्टर तक सीमित है। करीब 65% प्रोफेशनल्स का मानना है कि पिछले 12 महीनों में नौकरी ढूंढना और मुश्किल हो गया है। साथ ही, एंट्री-लेवल नौकरियों में सैलरी भी लगभग स्थिर बनी हुई है।
एक बड़ी समस्या “UAE Experience Required” की शर्त है। कई बार एंट्री-लेवल जॉब के लिए भी 2 से 3 साल के स्थानीय अनुभव की मांग की जाती है। यह उन भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए बड़ी बाधा है जो बाहर से आकर यहां करियर शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में नेटवर्किंग और रेफरल ही नौकरी पाने का मुख्य जरिया बन गए हैं।
सरकारी कदम और चेतावनी
Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) लेबर मार्केट को संभालने और रोजगार बढ़ाने के लिए काम कर रही है। मंत्रालय ने अमीराती युवाओं को प्राइवेट सेक्टर से जोड़ने के लिए ओपन एम्प्लॉयमेंट डे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए हैं। साथ ही, MoHRE ने फर्जी जॉब ऑफर और वीज़ा स्कैम के प्रति चेतावनी जारी की है। सरकार ने साफ कहा है कि असली जॉब ऑफर के लिए ऑफिशियल वर्क एंट्री परमिट ज़रूरी होता है और भर्ती का पूरा खर्चा नियोक्ता को ही उठाना होता है।
वहीं, Ministry of Higher Education and Scientific Research ने बताया कि 2024/2025 शैक्षणिक वर्ष में फेडरल उच्च शिक्षा संस्थानों के 77% अमीराती ग्रेजुएट्स को नौकरी मिली है।
