UAE की मस्जिदों में जुमे की नमाज़ के दौरान देश की सुरक्षा को लेकर एक ज़रूरी संदेश दिया गया है। Awqaf UAE ने सभी इमामों को निर्देश दिया कि वे लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। सरकार ने साफ कहा है कि जो भी देश के साथ गद्दारी करेगा उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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“Whoever betrays our nation is not one of us” का क्या मतलब है?

23 अप्रैल 2026 को होने वाले जुमे के खुतबे का शीर्षक यही रखा गया है। Awqaf UAE ने बताया कि अपने देश से गद्दारी करना एक बड़ा नैतिक और धार्मिक अपराध है। इस्लामी शिक्षाओं और मानवीय स्वभाव के अनुसार इसे गलत माना गया है। इसका मकसद लोगों को वफादारी का अहसास कराना और देश की एकता को बनाए रखना है।

आम जनता और प्रवासियों को क्या करना चाहिए?

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे देश की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि की खबर तुरंत अधिकारियों को दें। साथ ही लोगों को अफवाहों से बचने और केवल सरकारी निर्देशों पर भरोसा करने को कहा गया है। यह निर्देश उन प्रवासियों और नागरिकों के लिए भी ज़रूरी है जो बाहरी खतरों या सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारियों से भ्रमित हो सकते हैं।

सुरक्षा के लिए UAE सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

UAE की Ministry of Foreign Affairs और Ministry of Defence ने अपनी तैयारी को पुख्ता किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर ज़रूरी कदम उठाएगी। शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने साफ कहा है कि UAE आतंकियों की ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.