UAE में छिपे दो बड़े अपराधियों को भारत सरकार ने वापस बुला लिया है। इनमें से एक शख्स ने बैंक के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की थी, जबकि दूसरा फर्जी पासपोर्ट बनाने के धंधे में शामिल था। CBI और UAE की पुलिस ने मिलकर इन्हें पकड़ा और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारत भेज दिया। यह कार्रवाई 1 मई 2026 को पूरी हुई।

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कौन हैं ये भगोड़े और क्या है इनका केस

पकड़े गए लोगों में पहला नाम Kamlesh Parekh का है, जो कोलकाता की श्री गणेश ज्वेलरी हाउस (I) लिमिटेड का प्रमोटर है। इस व्यक्ति ने बैंकों के साथ बहुत बड़ा घोटाला किया था। वहीं दूसरा आरोपी Aalok Kumar उर्फ Yashpal Singh है, जिस पर हरियाणा पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट चलाने का केस दर्ज किया था।

कमलेश पारख के बैंक फ्रॉड से जुड़ी जानकारी नीचे टेबल में देखें:

विवरण जानकारी
आरोपी का नाम Kamlesh Parekh
कंपनी का नाम Shree Ganesh Jewellery House (I) Ltd
घोटाले की रकम लगभग ₹2,672 करोड़ (करीब 10 अरब दिरहम)
कितने बैंक फंसे 25 बैंक (SBI मुख्य बैंक था)
कब से फरार था साल 2016 से
इंटरपोल नोटिस 2024 में जारी हुआ

कैसे हुई गिरफ्तारी और किन एजेंसियों ने की मदद

इन अपराधियों को पकड़ने के लिए भारत की Central Bureau of Investigation (CBI), विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) ने UAE की लोकल पुलिस के साथ मिलकर काम किया। इंटरपोल ने इन दोनों के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था, जिसकी वजह से इन्हें UAE में ट्रैक करना आसान हुआ।

  • Kamlesh Parekh को दिल्ली लाया गया और अब उसे कोलकाता ले जाया जाएगा।
  • Aalok Kumar को मुंबई लाया गया, जहाँ से हरियाणा पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
  • CBI ने बताया कि पिछले कुछ सालों में इंटरपोल की मदद से 150 से ज्यादा अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कमलेश पारख ने कितने रुपयों की धोखाधड़ी की?

कमलेश पारख ने 25 बैंकों के समूह के साथ लगभग ₹2,672 करोड़ की धोखाधड़ी की थी, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मुख्य बैंक था।

आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह पर क्या आरोप हैं?

आलोक कुमार पर फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने के संगठित गिरोह को चलाने का आरोप है।