संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। प्राग में आयोजित ग्लोबसेक सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौता होने की संभावना केवल 50-50 प्रतिशत है। गरगाश ने चेतावनी दी कि यदि इस बार शांति स्थापित नहीं हुई और दोबारा सैन्य टकराव शुरू हुआ, तो क्षेत्र की स्थिति पहले से भी अधिक जटिल और चिंताजनक हो जाएगी।
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अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर अनवर गरगाश ने क्या कहा?
अनवर गरगाश ने ऐतिहासिक बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने अतीत में कई बार बातचीत को जरूरत से ज्यादा खींचने की कोशिश की है, जिसके कारण उसने शांति के कई बड़े मौके गंवा दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल युद्धविराम से स्थायी शांति नहीं आ सकती। यदि इस क्षेत्र में सच में स्थिरता लानी है, तो उन बुनियादी कारणों का समाधान निकालना होगा जो इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ हैं।
- 50-50 संभावना: यूएई का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की गुंजाइश अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
- पुराने समझौते गंवाए: ईरान ने अपनी स्थिति का गलत आकलन करके बातचीत के कई महत्वपूर्ण अवसर खो दिए हैं।
- राजनीतिक समाधान जरूरी: दोबारा सैन्य टकराव क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है।
Strait of Hormuz और सुरक्षा को लेकर यूएई का रुख
जलमार्गों की सुरक्षा पर बात करते हुए गरगाश ने ईरान द्वारा Strait of Hormuz पर नियंत्रण करने की कोशिशों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस दावे को एक सपना बताया और कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग का राजनीतिकरण पूरी दुनिया के लिए खतरनाक साबित होगा। इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और यूरोप के व्यापारिक हितों पर सीधा असर पड़ेगा। हाल के संघर्ष में ईरान ने यूएई के नागरिक बुनियादी ढांचे, बिजली घरों और बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया था, जिससे खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया था।
इस मामले पर अमेरिका और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
इस पूरे मामले पर अमेरिका और मध्यस्थ देशों की ओर से भी कई महत्वपूर्ण बयान सामने आए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्वीकार किया है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरान के यूरेनियम स्टॉक और जलमार्गों को बंद करने जैसे बड़े मुद्दों पर अभी भी पेंच फंसा हुआ है।
- डोनाल्ड ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान के जवाब का कुछ दिन और इंतजार करेंगे।
- पाकिस्तान की मध्यस्थता: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता की कोशिशों में लगा हुआ है।
- हिजबुल्लाह पर रुख: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ किया है कि हिजबुल्लाह एक आतंकवादी संगठन है और उसे पूरी तरह से निहत्था किया जाना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कितनी संभावना है?
UAE के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश के अनुसार, समझौते की केवल 50-50 संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि दोनों देशों को राजनीतिक समाधान ढूंढना चाहिए, क्योंकि दोबारा सैन्य टकराव से स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
Strait of Hormuz पर कब्जे के दावों पर UAE ने क्या कहा?
अनवर गरगाश ने ईरान के Strait of Hormuz पर नियंत्रण के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक काल्पनिक सपना बताया है। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग के राजनीतिकरण से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
