UAE के विमानन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मिली है. General Civil Aviation Authority (GCAA) ने Emirates Engineering को पहला Supplemental Type Certificate (STC) जारी किया है. इसके बाद अब Emirates Engineering देश की पहली ऐसी संस्था बन गई है जिसे यह सर्टिफिकेट मिला है. इससे हवाई जहाज़ों के पुर्जों और सिस्टम में बदलाव करना अब और आसान हो जाएगा.

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Supplemental Type Certificate (STC) क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

STC एक ऐसा एडवांस सर्टिफिकेट है जिसकी मदद से हवाई जहाज़, उनके सिस्टम और पुर्जों में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के हिसाब से बदलाव किए जा सकते हैं. अब GCAA दुनिया की उन चुनिंदा अथॉरिटी में शामिल हो गया है जो यह सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं. इस कदम से स्थानीय इंजीनियरिंग क्षमता बढ़ेगी और विमानन सुरक्षा के स्तर और ऊँचे होंगे.

Emirates Engineering के लिए यह बदलाव क्यों ज़रूरी था?

Emirates Engineering को पहले 20 नवंबर 2025 को Design Organisation Approval (DOA) मिला था. अब इस नए सर्टिफिकेट से वे एयरबस और बोइंग जैसे हवाई जहाज़ों के केबिन में बड़े बदलाव और जटिल डिजाइन परिवर्तन कर सकेंगे. Emirates के डिप्टी प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Adel Al Redha ने बताया कि इस क्षमता से अब उन्हें बाहरी कंपनियों या थर्ड पार्टी डिजाइन संगठनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे काम समय पर और अपनी ज़रूरत के हिसाब से होगा.

इस उपलब्धि के लिए टीम में क्या बदलाव किए गए?

इस लक्ष्य को पाने के लिए Emirates Engineering ने अपनी टीम का विस्तार किया है. उन्होंने विशेष डिजाइन इंजीनियरों को काम पर रखा और अपनी प्रक्रियाओं को अपडेट किया. कंपनी ने अपनी टीम को 5 सदस्यों से बढ़ाकर 13 से अधिक विशेषज्ञों तक ले जाने की योजना बनाई है ताकि बड़े मॉडिफिकेशन के कठिन नियमों को पूरा किया जा सके. GCAA के सहायक महानिदेशक Eng. Aqeel Al Zarooni ने कहा कि यह उपलब्धि UAE के एयरक्राफ्ट डिजाइन और इंजीनियरिंग इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी प्रगति है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCAA ने यह सर्टिफिकेट कब जारी किया?

General Civil Aviation Authority (GCAA) ने 1 मई 2026 को Emirates Engineering को यह Supplemental Type Certificate जारी किया.

इस सर्टिफिकेट से हवाई जहाज़ों में क्या बदलाव हो सकेंगे?

इस सर्टिफिकेट की मदद से अब एयरबस और बोइंग विमानों के केबिन में बड़े बदलाव और जटिल डिजाइन परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के तहत किए जा सकेंगे.