संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अर्थव्यवस्था ने साल 2025 में बहुत मजबूत बढ़त हासिल की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश की जीडीपी (GDP) 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़कर करीब 1.9 ट्रिलियन दिरहम (Dh1.9 trillion) पर पहुंच गई है। यूएई के आर्थिक मंत्रालय की तरफ से जारी की गई इस जानकारी से साफ है कि देश में तेल के अलावा दूसरे बिजनेस और उद्योगों में भी काफी तेजी आई है। इस आर्थिक बढ़त का सीधा फायदा वहां रहने वाले और नौकरी करने वाले लाखों प्रवासियों को भी मिलेगा।
तेल के बिना चलने वाले बिजनेस ने दिखाया दम
यूएई की इस तरक्की में सबसे बड़ा हाथ गैर-तेल क्षेत्रों (non-oil sectors) का रहा है। साल 2025 में इन सेक्टर्स में 6.8 प्रतिशत की भारी बढ़त देखी गई, जो करीब 1.5 ट्रिलियन दिरहम के बराबर है। इसका मतलब है कि यूएई अब केवल तेल की कमाई पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह दूसरे बिजनेस को तेजी से बढ़ा रहा है। रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर्स में बहुत काम हो रहा है जिससे भारत और अन्य देशों से आए प्रवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
किस क्षेत्र में हुआ सबसे ज्यादा फायदा और क्या है भविष्य का लक्ष्य
यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था सही दिशा में बढ़ रही है। यूएई सरकार का लक्ष्य ‘We the UAE 2031’ विजन के तहत आने वाले एक दशक में अपनी जीडीपी को दोगुना करके 3 ट्रिलियन दिरहम तक पहुंचाना है। साल 2025 में कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में सबसे तेजी से काम हुआ है, जिससे नौकरी के नए मौके भी बने हैं।
| विवरण (Economic Indicators) | आंकड़े (Figures) |
|---|---|
| कुल जीडीपी बढ़त 2025 | 6.2% |
| कुल जीडीपी मूल्य | Dh 1.9 Trillion |
| गैर-तेल क्षेत्र की बढ़त | 6.8% |
| गैर-तेल क्षेत्र का मूल्य | Dh 1.5 Trillion |
| पहले 9 महीनों की बढ़त (2025) | 5.1% |
| वर्ष 2031 का जीडीपी लक्ष्य | Dh 3 Trillion |
Frequently Asked Questions (FAQs)
साल 2025 में यूएई की जीडीपी में कुल कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है?
साल 2025 में यूएई की कुल जीडीपी 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जिससे इसका कुल मूल्य करीब 1.9 ट्रिलियन दिरहम पहुंच गया है।
यूएई की इस आर्थिक बढ़त में गैर-तेल क्षेत्रों का क्या योगदान रहा?
गैर-तेल क्षेत्रों (non-oil sectors) में 6.8 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखी गई है, जिससे इसका मूल्य करीब 1.5 ट्रिलियन दिरहम हो गया है।