UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद और जर्मनी के बंडेस्टाग के उपाध्यक्ष ओमिद नूरीपुर के बीच एक अहम मुलाकात हुई। इस मीटिंग में ईरान द्वारा UAE और क्षेत्र के अन्य देशों पर किए गए मिसाइल हमलों के असर पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
ईरान के हमलों का क्या रहा असर और चर्चा में क्या रहा?
इस मुलाकात में इस बात पर विस्तार से बात हुई कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के आतंकी मिसाइल हमले किए। इन हमलों से न सिर्फ UAE बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा हुआ है। चर्चा के दौरान मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दिया गया:
- ऊर्जा सप्लाई: हमलों का असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ा।
- समुद्री सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा को खतरा हुआ।
- ग्लोबल इकोनॉमी: इन घटनाओं से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की बात कही गई।
जर्मनी ने UAE की मदद के लिए क्या कहा?
जर्मनी के उपाध्यक्ष Omid Nouripour ने साफ किया कि जर्मनी इस मुश्किल समय में UAE के साथ खड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि UAE अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बचाने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाएगा, जर्मनी उसका पूरा समर्थन करेगा। साथ ही उन्होंने UAE में रहने वाले नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा को लेकर अपनी सहमति जताई।