UAE और जर्मनी के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक अहम मुलाकात हुई। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को UAE के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान और जर्मनी के बंडेस्टाग के उपाध्यक्ष ओमिद नूरीपुर ने कई गंभीर मुद्दों पर बात की। इस चर्चा में खास तौर पर ईरान के हमलों और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर उनके असर को लेकर बातचीत हुई।
UAE और जर्मनी की मुलाकात में किन मुख्य मुद्दों पर हुई बात?
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में ईरान द्वारा UAE और अन्य देशों पर किए गए मिसाइल हमलों के असर को लेकर चिंता जताई गई। इसके साथ ही ऊर्जा सप्लाई और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया, क्योंकि यह रास्ता दुनिया के तेल बाजार और ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बहुत जरूरी है।
जर्मनी ने UAE को किस तरह का समर्थन दिया?
जर्मनी के उपाध्यक्ष ओमिद नूरीपुर ने साफ किया कि जर्मनी, UAE की संप्रभुता और उसकी सुरक्षा के साथ खड़ा है। बैठक के दौरान इन बातों पर सहमति बनी:
- सुरक्षा का भरोसा: जर्मनी ने UAE के नागरिकों, निवासियों और वहां आने वाले मेहमानों की सुरक्षा का समर्थन किया।
- राजनयिक समाधान: दोनों देशों ने कहा कि किसी भी संकट को बातचीत और राजनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।
- अहस्तक्षेप: दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल न देने की बात कही गई।
- शांति प्रयास: अमेरिका और ईरान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित युद्धविराम (ceasefire) पर भी चर्चा हुई और क्षेत्र में स्थायी शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
संसदीय सहयोग और आतंकवाद पर क्या चर्चा हुई?
इसी दिन UAE की फेडरल नेशनल काउंसिल के स्पीकर साकर घोबाश ने भी ओमिद नूरीपुर से मुलाकात की। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच संसदीय रिश्तों को और बेहतर बनाने और आतंकवाद व उग्रवाद को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करने पर चर्चा हुई।