UAE दुनिया भर से मलेरिया को खत्म करने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में दुनिया भर में मलेरिया के केस बढ़कर 282 मिलियन तक पहुँच गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए UAE आर्थिक मदद और स्वास्थ्य अभियानों के जरिए इस बीमारी को जड़ से मिटाने की कोशिश कर रहा है।

दुनिया में मलेरिया की क्या स्थिति है और UAE का क्या रोल है?

WHO के आंकड़ों के अनुसार 2023 में मलेरिया के 273 मिलियन केस थे जो 2024 में बढ़कर 282 मिलियन हो गए। UAE इस लड़ाई में बहुत आगे है और उसने साल 2007 में ही WHO से मलेरिया मुक्त होने का सर्टिफिकेट पा लिया था। देश में आखिरी बार 1997 में लोकल मलेरिया केस देखा गया था। अब UAE अन्य देशों की मदद कर रहा है ताकि 2030 तक मलेरिया के मामलों को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सके।

मलेरिया मिटाने के लिए UAE ने क्या खास कदम उठाए हैं?

UAE ने इस बीमारी के खिलाफ कई संस्थाएं बनाई हैं। इनमें Global Institute for Disease Elimination (GLIDE) और Institute for Malaria and Climate Solutions (IMACS) मुख्य हैं। GLIDE ने मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका के 18 देशों में मलेरिया के खतरे की जांच के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। वहीं IMACS जलवायु परिवर्तन और मलेरिया के बीच के संबंध पर रिसर्च कर रहा है। Reaching the Last Mile पहल के तहत स्वास्थ्य कार्यक्रमों के विस्तार के लिए 5 मिलियन डॉलर की ग्रांट भी दी गई है।

UAE में मलेरिया को रोकने के लिए क्या इंतजाम हैं?

UAE का स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health and Prevention) देश के अंदर मलेरिया को वापस आने से रोकने के लिए सख्त निगरानी रख रहा है। बाहर से आने वाले केसों की पहचान और इलाज के लिए खास सिस्टम बनाए गए हैं। इसके साथ ही मच्छरों को कंट्रोल करने और हेल्थ वर्कफोर्स की ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है ताकि देश की मलेरिया मुक्त स्थिति बरकरार रहे। बिल गेट्स ने भी मलेरिया को खत्म करने में UAE की वैश्विक पहुंच और साझेदारी को बहुत महत्वपूर्ण बताया है।